What Swami Vivekananda did on his last day – स्वामी विवेकानंद ने अपने अंतिम समय में क्या किया

swamivivekanand

इंडिया ने अध्यात्म की दुनिया में बहुत हीरे दिए है उनमे से एक नाम स्वामी विवेकानंद का भी है | स्वामी विवेकानंद ने अपने अनमोल विचारो से सिर्फ इंडिया में नहीं पुरी दुनिया में अध्यात्म की रोशनी फैलाई |  जीवन में आगे बढने के साथ साथ किस तरह अपने अंदर की शांति को बनाए रखना है ये हमें स्वामी विवेकानंद के विचारो से सिखने को मिलता है

“सच्ची सफलता और आनंद का सबसे बड़ा रहस्य यह हैवह पुरुष या स्त्री जो बदले में कुछनहीं मांगता, पूर्ण रूप से निस्स्वार्थ व्यक्तिसबसे सफल है

ये कहा जाता है कि स्वामी विवेकानंद बहुत सी बीमारियों से ग्रसित थेपर सच तो ये है कि भले ही उनका शरीर बीमारियों से जुज रहा हो पर उनकी आत्मा पवित्र और परमात्मा में लीन थी | कहा जाता है कि स्वामी विवेकानंद अपनी मृत्यु की तिथि (4. जुलाई . 1902) जान गए थे | उन्होंने मिस्र में ही अपनी मृत्यु की तिथि की घोषणा क्र दी थी इसीलिए उन्होंने अपनी मिस्र की यात्रा में कटोती की थी | वह अपना अंतिम समय में भारत में अपने शिष्यों के साथ रहना चाहते थे |

स्वामी विवेकानंद के अनमोल वचन पड़ने के लिए यहाँ click करे – स्वामी विवेकानंद के अनमोल वचन

स्वामी विवेकानंद ने अपने अंतिम दिन में भी अपने अन्य दिनों जैसे शिष्यों के साथ अपने विचार बाटे और फिर थोडा मनरोंजन शैली में सबको पाठ पड़ा के बहुत हसाया | पर उस दिन एक बात अलग हुई उन्होंने सुबह सुबह अपने सभी शिष्यों के पैर धोए | जब सब ने उनसे पूछा इसा क्यू तो उनका कहना था कि जिसस क्राइस्ट ने भी अपने सभी शिष्यों के पैर धोए थे | ये उनकी महानता ही थी कि गुरु होने के बावजूद उन्होंने अपने ही शिष्यों के पैर धोए | जो भी व्यक्ति जीवन के रहस्य को समझ जाता है वो जान जाता है कि झुखने में ही बड़प पन है |

शाम को अपने आश्रम में ध्यान करने के बाद स्वामी विवेकानंद अपने कमरे में ओम का जाप करने लगे और इसी दोरान उनकी पवित्र आत्मा ने उनका शरीर त्याग दिया | पर सच तो ये है कि आत्मा तो न मरती है न जनम लेती है, आत्मा तो बस शरीर बदलती है | हमने स्वामी विवेकानंद को खोया नही है, उनके विचारो ने उन्हें आज भी जिन्दा रखा हुआ है |

 

“शरीर मरते है, अच्छे कर्म करने वाले तो अमर होते है”

 

Sharing is caring! Share the post to your loved ones

16 thoughts on “What Swami Vivekananda did on his last day – स्वामी विवेकानंद ने अपने अंतिम समय में क्या किया”

  1. I as well as my guys were analyzing the best strategies found on your site and before long I got a horrible feeling I had not thanked you for them. Those young men became consequently excited to read through them and have surely been tapping into them. Thanks for indeed being indeed accommodating and also for deciding on variety of outstanding areas most people are really wanting to learn about. My very own sincere regret for not saying thanks to you sooner.

  2. Hi, I believe your website may be having web browser compatibility problems.
    Whenever I look at your blog in Safari, it looks fine but when opening in IE, it’s got some overlapping issues.
    I merely wanted to give you a quick heads up!
    Apart from that, wonderful website!

  3. Thank you, I’ve recently been looking for info approximately this topic for ages and yours is the best I’ve discovered till now. But, what about the conclusion? Are you certain in regards to the source?

  4. I simply want to mention I am just very new to weblog and truly liked this web blog. Almost certainly I’m likely to bookmark your blog . You surely come with tremendous well written articles. With thanks for sharing with us your website.

  5. Hey there! Remarkable post! I like the method that you represented What Swami Vivekananda did on his last day – स्वामी विवेकानंद ने
    अपने अंतिम समय में क्या किया.
    As a final point I’ve used exceptional document regarding What Swami Vivekananda did on his
    last day – स्वामी विवेकानंद ने अपने अंतिम समय में क्या किया!
    Days of seek out are gone for good immediately. Appreciation, article!
    You’ve performed a significant job opportunity.

  6. Thanks , I’ve just been looking for information approximately
    this topic for a while and yours is the best I’ve discovered so far.
    However, what about the bottom line? Are you sure concerning the
    source?

  7. Thanks for finally talking about >What Swami Vivekananda did
    on his last day – स्वामी विवेकानंद ने अपने अंतिम
    समय में क्या किया – Truth of Thoughts…
    <Liked it!

  8. Oh my goodness! Amazing article dude! Many thanks, However I am experiencing
    problems with your RSS. I don’t understand why I cannot join it.
    Is there anyone else getting the same RSS issues?
    Anybody who knows the solution will you kindly respond?
    Thanx!!

Leave a Reply

Your email address will not be published.