बूढ़ी अम्मा की कहानी

एक अम्मा थी जो संतरे बेचती थी, उसके यहा एक आदमी आता था रोज जो उससे संतरे लेता था पर उससे संतरे लेकर वही संतरे खोल कर चखता और अम्मा से किच किच करता के संतरे सही नही है, और अम्मा चखती और कहती थी, “ठीक तो है बेटा” Continue reading “बूढ़ी अम्मा की कहानी”

Sharing is caring! Share the post to your loved ones

Hindi Poem – हर इंसान अलग

सोच अलग व्यवहार अलग,

ज़ीने का अंदाज़ अलग

कुछ अलग है हम सब में,

फिर भी एक से दिखते है Continue reading “Hindi Poem – हर इंसान अलग”

Sharing is caring! Share the post to your loved ones