कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग ४

अभी तक आपने पढ़ा की कैसे नीरज और चित्रा मिले, कैसे उन्हें प्यार हुआ और जब उनके परिवार वालो को पता चला तो उनकी क्या प्रतिक्रिया हुई | अब पढ़िए आगे की कहानी

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चित्रा के घर वालो को पता लगने के बाद जैसे चित्रा पर दुखो का पहाड़ गिर पड़ा | चित्रा जहा सबकी चहेती थी वहीं सबकी नफरत की शिकार होने लगी | सभी लोग उसे कोसते और ताने मारते पर चित्रा का हौसला इससे बिलकुल भी नहीं टूटता था वो अपने निश्चय पर दृढ़ थी और किसी की बात पर उसको कोई फर्क नहीं पड़ता था | समय बीत रहा था पर उसके परिवार पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा था की चित्रा पर क्या बीत रही है उधर नीरज दूसरी नौकरी में व्यस्त हो गया था क्योकि उसके ऊपर पूरे परिवार की जिमीदारी भी थी | उसका भाई भी अब उम्र में काफी बड़ा हो गया था पर दिमाग से आज भी वैसा ही था इस लिए नीरज को उसपर विशेष ध्यान देना पड़ता था |
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