क्या इलेक्ट्रिक गाड़ी सच में प्रदुषण मुक्त होती है ?

हम सभी जानते है की पेट्रोल और डीजल गाडिया काफी प्रदुषण उत्पन्न करती है पर क्या हम जानते है की जो गाडिया भविष्य में आने वाली है जिन्हें हम इलेक्ट्रिक कार , इलेक्ट्रिक बस , ई – वाहन के रूप में कह सकते है वो पूरी तरह से प्रदुषण मुक्त है या नहीं !!!!

तो आइये जानते है की ई – वाहन से कितना प्रदुषण होता है :-

सबसे पहले जानते है की ई- वाहन किस्से चलते है ?
ई-वाहन बैटरी द्वारा चलते है और बैट्री बिजली से चार्ज होती है और बिजली भारत में ६५ % से ज्यादा आज भी कोयले से ही बनती है | इसी लिए इलेक्ट्रिक वाहन को कोयले से चलने वाले वाहन के रूप में कहा जा सकता है |

तो क्या तेल से चलने वाली कार ज्यादा प्रदुषण करती है या इलेक्ट्रिक कार ???

यदि डीजल कार और इलेक्ट्रिक कार में तुलना किया जाए तो दोनों ही कार लगभग एक सामान प्रदुषण करती है अगर इलेक्ट्रिक कार को कोयले द्वारा पैदा की हुई बिजली से चलाया जाए तो | डीजल कार जहा 18000 पौंड CO2 पैदा करती है वाही इलेक्ट्रिक कार २५००० पौंड CO2 पैदा करती है |

परन्तु यदि ई- वाहन को सोलर से जोड़ दिया जाए तो इसमें कोई संदेह नहीं है की इलेक्ट्रिक वाहन प्रदुषण कम करने में सक्षम होगीं |

इलेक्ट्रिक कार में सोलर को जोड़ने में भी अपने फायदे और नुकसान है |

जैसे :- १) सोलर से जोड़ने पर बैट्री की लाइफ कम हो जाती है और बैट्री बदलने का खर्चा बढ़ जाता है |
२) सोलर पैनल को बड़ा संभालना पड़ता है जरा सी लापरवाही पुरे पैनल को नुकसान पंहुचा सकती है |
३) सोलर पैनल सेबल अच्छा दक्षिण दिशा में कम करता है परन्तु यह हमेशा संभव नहीं हो पता की गाड़ी हमेशा दक्षिण दिशा के हिसाब से ही खड़ी हो |

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