कहानी एक बुजुर्ग कपल की -भाग १

ये कहानी है एक ऐसे जोड़े की जो बचपन से साथ-साथ खेले कूदे और बड़े हुए, पर जवान होते होते सब कुछ बदल गया और बुढ़ापे में कैसे उन्होंने अपने प्यार को फिर से पाया |

आज मै आपको बताने जा रहा हूँ एक कहानी जो एक लड़का और एक लड़की की ज़िन्दगी के इर्द गिर्द घूमती है| तो आइये सबसे पहले मै बताता हूँ उस लड़के के बारे में |

उस लड़के का नाम था नीरज आहूजा | नीरज एक बहुत ही गरीब सिन्धी परिवार का लड़का था, जो परिवार के साथ सिंध प्रान्त के खैरपुर जिले में रहता था | उसके पिता नाथू मल्ल की एक छोटी सी साइकिल बनाने की दूकान थी |

नीरज रोज़ सुबह उठता और अपने शौक और मज़बूरी के खातिर गाये भैस की सेवा करता और फिर अपने दिमाग को खुराक देने के लिए स्कूल भी जाता पर उससे पहले अखबार बेचने का काम भी करता था,अखबार बेचना उसने आठ साल की छोटी सी उम्र में ही शुरू कर दिया था, अख़बार बेचना उसका कोई शौक नहीं बल्कि मज़बूरी थी| उसका परिवार काफी बड़ा था और उसके पिता की दूकान से घर का खर्च चलने में काफी दिक्कते होती थी| उसके परिवार में उसकी माँ हीरा बाई, तीन बहने निशा आशा और नीलम, एक बड़ा भाई अनिल जो कि दिमाग से थोडा कमजोर था और एक बुआ बानी थी जिसका पति शादी के एक महीने के अन्दर ही चल बसा था और वो फिर से मायके में ही आकर रहने लगी थी, और इनके साथ उसके दादा जी नरेन्द्र मल्ल भी रहते थे जो ज्यादा उम्र के कारण अब चल फिर भी नहीं पाते थे| चूँकि नीरज ही ऐसा था जो घर में कमा सकता था इस लिए उसपर काम करने की मज़बूरी आती गई और उस मज़बूरी को वो जिम्मेदारी से बाख़ूब ही निभाता था|

ये भी पढ़े बूढी अम्मा की कहानी

आठ साल में जहा बच्चा पढाई करता,खेलता और मस्ती करता वहीं नीरज काम में अपना ध्यान देता | नीरज एक बहुत ही सुलझा हुआ बच्चा था वो कभी कोई जिद्द नहीं करता कोई शिकायत नहीं करता, जो मिले वो खाता , जो मिले वो पेहेनता, कही भी सो जाता | आस पास के सभी लोग, नाते -रिश्तेदार सभी उसकी बहुत तारीफ करते थे |

नीरज का जब जन्म हुआ 1921 में तब उसके घर वाले इतना खुश हुए कि जैसे किसी को कुबेर का खजाना मिल गया हो, और होते भी क्यों न नीरज जब पैदा हुआ तबतक उसका बड़ा भाई और दो बहने पैदा हो चुकी थी, चूँकि बड़ा भाई उससे 12 साल बड़ा था पर फिर भी वो दिमाग से सिर्फ ३ साल का बच्चा ही था उसका दिमाग शारीर के जैसे विकसित नहीं हो रहा था और सभी वैद्य और डॉक्टर उसका इलाज करके हार चुके थे और उसके बाद पैदा हुई निशा और फिर आशा जो की लड़किया थी और इसी कारण से सभी बहुत उदास रहते थे, पर जब नीरज हुआ तो सभी फिर से खिल उठे और उनकी ख़ुशी को जैसे पर लग गए |

भाग २ पढने के लिए यहाँ क्लिक करे

नोट – यह कहानी कॉपीराइट है, इसे कॉपी करना कानूनन जुर्म है|

Sharing is caring! Share the post to your loved ones

6 thoughts on “कहानी एक बुजुर्ग कपल की -भाग १”

  1. Thank you! I value it!
    http://viagrawithoutadoctormsn.com/
    don’t mix viagra wih steroids photo buy viagra online compare cialis viagra levitra [url=http://viagrawithoutadoctorsntx.com/]generic viagra[/url]
    wemans viagra
    last longer viagra
    free sex using viagra
    nicky clarke viagra edinburgh pages pregnant
    robin william viagra
    buy viagra cheap india pharmacy

  2. Really a lot of excellent information.
    http://viagrawithoutadoctormsn.com/
    viagra pro pharmacy complaints generic viagra 100mg overnight viagra generic [url=http://viagrawithoutadoctorsntx.com/]generic viagra 100mg[/url]
    free viagra 2010 jelsoft enterprises ltd
    viagra dose for juniors
    new viagra commercial august 2010
    viagra delivery tou days
    do you need prescription for viagra
    best time to take viagra

  3. Incredible a lot of awesome data.
    http://viagrawithoutadoctormsn.com/
    viagra cutting the pills in half viagra for sale uk viagra oral sex [url=http://viagrapego.com/]generic viagra 100mg[/url]
    order viagra online a href iframe
    viagra savings coupon
    generic india viagra
    disease viagra heart
    use of viagra in pediatrics
    where to buy viagra in budapest

  4. You actually mentioned it well.
    http://viagrawithoutadoctorsntx.com/
    viagra makes me light headed generic viagra online where can i get free viagra [url=http://viagrapego.com/]viagra without a doctor prescription[/url]
    viagra treatment impotence
    natrual viagra
    coupons for cialis viagra levitra
    viagra super active canada
    viagra ramipril
    viagra propecia

Leave a Reply

Your email address will not be published.