जिंदगी पर कुछ पक्तिया -quotes about life

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“वो इज्ज़त ही क्या जो कपड़ो से नापी जाए, इज्ज़त तो सीरत से होती है”

“अपनों के घाव तेज़ नहीं, बस मेरा दिल ही कमज़ोर था
सह ना पाया घावो को, उसमे अपनों का क्या कसूर था”

“ज़िन्दगी जिंदा होने का नाम नहीं, जीने का नाम है”

“खामोश है जरूरते, जेब ने उसको उसकी औकात जो दिखाई है”

“दिमाग के घोड़े, कहा कहा दोड़े”

“इन्सान आदतों का गुलाम है या
आदते इन्सान की गुलाम”

“मिट्टी में इतना गुरुर आया कैसे
मिट्टी ने दूसरी मिट्टी को झुकाया कैसे
मै मै हु तू तू है ये बात कहा से आई
जब मिट्टी है सारा जग तो कैसी जग हँसाई”

“ये अकेलापन ही तो है जो साथ है मेरे
बाकी तो सब आते जाते रहते है”

“कुछ काम तो निस्वार्थ कर बन्दे
क्यों तेरी हर साँस आस पर अटकी है”

“खुद ही में लीन हो जाऊ, कुछ ऐसा मंत्र मिल जाए
ना होश रहे इस दुनिया का, खुदी की दुनीया मिल जाए”

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आप सभी के लिए मैंने ये कुछ पक्तिया लिखी है | आशा करती हूँ कि आप सभी को ये पसंद आएगी | आप कमेंट कर के अपने विचार हम से share कर सकते है | कृपा कर के आप कमेंट हिंदी में करे, हमें अच्छा लगेगा |

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