Hindi Poem – हर इंसान अलग

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सोच अलग व्यवहार अलग,

ज़ीने का अंदाज़ अलग

कुछ अलग है हम सब में,

फिर भी एक से दिखते है

इस दुनिया के बज़ारो में,

अलग अलग दाम में बिकते है

साथी वो ही है साथ वो ही है,

फिर भी रोज़ बात अलग

कभी आँसू तो कभी मुस्कान अलग,

इस अलग अलग के फेर में,

ज़ीने के ज़्ज़बात अलग

वो ही मन्दिर है तो वो ही इश्वर है,

हर रोज़ पूजा का भाव अलग

ध्यान से देखो इस दुनिया में,

जगह जगह भगवान अलग

घट घट उसका वास है,

जगह जगह उसका नाम अलग

सब को उसने बनाया है

पर फिर भी हर इंसान अलग

Sonia Bhatt

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