Osho on Buddha – बुद्धत्व को जानो -ओशो

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दोस्तों Osho के बारे में कौन नहीं जानता है | ओशो मैडिटेशन गुरु के नाम से भी famous है | आज हम आप को The Heart Sutra 1978 में दिए गए कुछ ख़ास osho ज्ञान के बारे में बताएंगे 

Osho कहते है, आप के अंदर छुपे हुए बुद्ध को मै नमस्कार करता हु| आप इस बात के जानकर नहीं होंगे पर फिर भी आप के अंदर बुद्ध मोजूद है | हमारे होने की नीव ही बुद्धत्व है | बुद्धत्व source से ही हम आए है, बुद्धत्व को ही हम जाएंगे | बुद्धत्व से आए है और बुद्धत्व को जाएंगे | एक ही शब्द बुद्धत्व में जीवन का सार है | लेकिन आप खोए हुए है | आप को जागना होगा और वापिस अपने नीव में आना होगा | खुद की खुदी से मुलाकात को ही बुद्धत्व कहते है | जिस दिन हम खुदी को देखने की कोशिश करेंगे उसी दिन से पूरी existence जागरूक हो जाएगी | जब तक हम सब में बुद्ध को न देखे तब तक जागरूकता नहीं आएगी |

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आप सब का मेरे प्रति जो प्यार और आदर है वो असल में वो प्यार और आदर आपके अंदर छुपे हुए बुद्धत्व के लिए है | आप का विश्वास जो मेरे लिए है वो असल में आत्म विश्वास है | मुझ पर विश्वास करने से आप खुद पर विश्वास करना सीखेंगे | मेरे पास आने से आप खुद के ही करीब हो जाएंगे | बस जागरूकता की जरुरत है |

Frank Sheed ने कहा था “The Soul of Man is crying for purpose or meaning” मतलब इन्सान की आत्मा अपने उद्देश के लिए रो रही है | आप इसे यू समझे जैसे बच्चा अपनी माँ के लिए रो रहा है और आप उसे चुप कराने के लिए उसे खिलोने दे रहे है ठीक उसी तरह से आप की आत्मा प्यार और जीवन के उद्देश के लिए रो रही है और ये दुनिया उसे अलग अलग खिलोने से मना रही है |

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हमेशा याद रखे कि आप अपने शरीर में है पर आप शरीर नहीं है | आप शरीर से बडकर  है | कुछ लोग भगवान को आदत से मजबूर होक याद करते है और कुछ लोग भगवान को professionaly याद करते है | कुछ लोग जब दुखी होते है तब भगवान को याद करते है जैसे की वो कोई pain killer हो | लेकिन जब आप खुश होते है या कुछ celebrate कर रहे होते है तब भगवान को याद नहीं करते | जबकि आप को भगवान तब याद आने चाहिए जब आप खुश होते है क्युकी तब आप प्यार में होते है |

एक famous story है – यह story एक great योगी की है जिसे राजा ने प्रॉमिस किया था की अगर वो एक साल ज़मीन के अंदर रह कर समाधी पा लेता है तो राजा उसे बहुत ख़ास घोडा देगा | राजा ये जानता था कि उस योगी को घोड़े बहुत पसंद है | योगी ये बात मान लेता है और ज़मीन के अंदर चला जाता है और समाधी ले लेता है | लेकिन एक साल में उस राज्य का राजा बदल जाता है और सब उस योगी के बारे में भूल जाते है | 10 साल बाद किसी को योगी का ध्यान आता है तो उस ज़मीन को खुदवा कर उस योगी के कान में मंत्र पढ़ कर उसे जगाया जाता है | योगी जागते ही सवाल करता है “कहा है मेरा घोडा” | 10 साल बाद भी घोडा | क्या ये योगी समाधी में गया होगा | जरुर इस ने सिर्फ अपने दिमाग में घोड़े को याद रखा होगा | ध्यान दे कही ये गलती आप भी तो नहीं कर रहे | अपने अंदर की सचाई से जुड़े तभी आप के जीवन में गरमाहट रहेगी | तभी आप के जीवन में सची ख़ुशी आएगी |

हम अपने अगले article में और ख़ास ज्ञान जो ओशो ने दिए थे उनके बारे में जानेंगे | आप अपने विचार हमें comment कर के बता सकते है | Please इस article को अपने near and dear one को share करे |

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