कैसे संभाले जिद्दी बच्चो को

जिद्दी-बच्चे

अगर आप का बच्चा जिद्दी है तो आप को घबराने की जरुरत नहीं है | जिद्दी बच्चे माता पिता को शुरुआत में तंग जरुर करते है मगर आगे जीवन में काफी स्थिर मानसिकता के होते है | जिद्दी बच्चे वो होते है जो अपने विचार धारा में अखण्ड होते है, वे अपनी सोच से जल्दी हिलते नहीं है | जिद्दी बच्चो को सख्त इच्छा शक्ति वाले बच्चे भी कह सकते है | जिद्दी बच्चे साहसी और निडर होते है |

 जिद्दी बच्चे अपने हिसाब से हर चीज़ सीखना चाहते है, वे दुसरो के हिसाब से कम चलते है | वे अपने काम को अपने तरीके से करना पसंद करते है और अपना इन चार्ज खुद बनते है | जिद्दी बच्चो का दिमाग अगर कुछ करने को करता है तो उनका दिल उसी तरफ हर समय सोच कर उस काम को पूरा करने को करता है | उस काम को पूरा करने के लिए वो अपनी पूरी जान लगा देते है |

जिद्दी बच्चो को ख़ास कर अपने माता पिता से ये शिकायत रहती है कि उनके माता पिता उनको अपना काम उनके तरीके से करने नहीं देते | यहाँ माता पिता को समझना चाहिए कि किसी को भी ये पसंद नहीं आता कि कोई उन्हें ये बताए कि ये काम ऐसे करो ऐसे मत करो और ख़ास करके जिद्दी बच्चो को ये बात बर्दाश के बाहर होती है | हर बच्चे का अपना स्वभाव होता है | माता पिता को ये सोचना चाहिए कि बच्चो को हमारे हिसाब से नही बल्कि हमें बच्चो के हिसाब से चलना है | माता पिता को हमेशा वो रास्ता अपनाना चाहिए जिसमे दोनों पक्ष संतुष्ट हो | जिद्दी बच्चो को सिर्फ काम दे और उस बच्चे को वो काम उसके हिसाब से करने दे | आप बस उसे ये कहे कि ये काम आप को कर के देना है, कैसे करना है वो आप की मर्जी |

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यदि माता पिता जिद्दी बच्चे में घर के कानून थोपने लगेंगे तो जिद्दी बच्चा गुस्से में आ जाएगा और कोई काम नहीं हो पाएगा | माना बच्चे को गुस्से में लाना आप का लक्ष्य नहीं होगा मगर ऐसे बच्चो के साथ अगर आप भी जिद्द करेंगे तो रिश्ते बस ख़राब ही होंगे | थोडा सा धीरज रख कर आप को चलना होगा और ऐसे बच्चो से काम करवाने का एक ही तरीका है कि आप इन बच्चो को सिर्फ काम दे ओर बाकी काम कैसे करना है वो इन पर छोड़ दे |

जिद्दी बच्चो को पालना मुश्किल नहीं होता | बस इन बच्चो को समझने की देर होती है | अगर आप इन बच्चो को काम बस इसी तरह से करना है या फिर तुमको ये ही करना है, कहते हो तो इन बच्चो को ये बात इनके व्यवहार के विपरीत लगती है | अगर आप इन बच्चो को थोड़ी आज़ादी दे तो ये बच्चे आप के साथ मिल कर काम करना पसंद कर पाएंगे |

जिद्दी बच्चे कोई भी काम अभ्यास से सीखना पसंद करते है

जिद्दी बच्चे बहुत ही गुणकारी होते है | ये बच्चे कोई भी काम किसी से सीखना नहीं पसंद करते | ये हर काम खुद बार बार करके सीख जाते है | इन बच्चो को किसी ओर के हिसाब से काम करना नहीं पसंद होता क्युकी ये हर काम को करने के नए तरीके खुद ही खोज निकालते है | जब ये बच्चे किसी काम का नया तरीका खोज रहे होते है तो ये किसी ओर के हिसाब से काम नहीं करते ओर सामने वाले को लगता है की ये बच्चे उनके हिसाब से काम नहीं कर रहे है, उनकी बात नहीं मान रहे है |

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जिद्दी बच्चे को ज्यादा से ज्यादा विकल्प दीजिए

अगर आप जिद्दी बच्चो को ये कहोगे कि आप को ये ही करना है तो ये बच्चे नहीं करेंगे क्युकी इन बच्चो को स्वयम से चुनने की आज़ादी चाहिए होती है | अगर आप इन बच्चो को कई विकल्प दोगे तो ये खुद अपनी मर्जी का काम चुन कर, उस काम को बहुत अच्छे ढंग से कर के आप को दिखाएंगे | जैसे आप बच्चे से कहे कि आप इस वक़्त स्कूल का काम कर सकते है या सामने वाली आंटी से ये सामान ला सकते है या फिर आप अपना ड्राइंग का काम कर सकते है या फिर कल के लिए स्कूल बैग तैयार कर सकते है | अब बच्चा अपनी मर्जी से काम चुन कर उसे पुरे दिल से करेगा |

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जिद्दी बच्चे को पूरा अधिकार दो

जिद्दी बच्चे अपने अधिकारों के साथ समझोता नहीं कर पाते है | ये अपने जीवन के फैसले खुद लेना पसंद करते है | ऐसे बच्चो को सीधा ना बोल कर, उनको पूरा अधिकार दे कर बात बोली जाए तो वे बात को समझते है जैसे ओह बहार बहुत ठंड है, मै तो जैकेट पहन रही हूँ, नहीं पहनूंगी तो बीमार हो जाउंगी, तुम देख लो तुम्हे पहननी है की नहीं | यहाँ आप ने उस बच्चे को अधिकार दे दिया | अब वो बच्चा जरुर वो ही काम करेगा जो आप करवाना चाहती थी क्युकी उसके अधिकार के साथ आपने छेड़छाड़ नहीं की |

जिद्दी बच्चो के साथ नियम कानून की लड़ाई ना करे

हर बच्चा अपने में अलग होता है | कुछ बच्चे नियम के अनुसार चल पाते है मगर कुछ बच्चो का स्वभाव ही उनको नियम के हिसाब से चलने नहीं देता | जिद्दी बच्चे ख़ास करके नियम कानून की भाषा नहीं समझ पाते | जैसे अगर घर में नियम है कि सब 9 बजे तक नाश्ता कर ले तो जिद्दी बच्चा जरुर ये तर्क करता है कि जरुरी तो नहीं 9 बजे ही भूक लगे | आप को इन बच्चो पर ज्यादा नियम कानून नहीं धोपने चाहिए |

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