काश मुझे पहले पता होता – हम सभी की कहानी

busylifestyle

ये कहानी है दिल्ली में रहने वाले विकास शर्मा की | विकास शर्मा दिल्ली में मोती नगर में रहते है | उनकी पत्नी घर का सारा काम बखूबी संभालती है | उनके दो बच्चे है रीना और सुरेश | दोनों ही कॉलेज में पढ़ रहे थे | सुरेश की नौकरी कॉलेज से ही लग गए थी और अगले साल ही उसका कॉलेज पूरा हो जाएगा और वो नौकरी शुरू कर देगा | विकास शर्मा एक बढ़ई का काम पिछले 30 सालो से कर रहे थे और उन्होंने कांट्रेक्टर अजीत सिंह के यहाँ पिछले 30 साल से काम किया | अजीत अलग अलग जगह पर घर बनाता और विकास उन घरो में बढ़ई का काम करता | जब बेटे सुरेश की नौकरी लग गई तब विकास के मन में ख्याल आया कि उसे काम करते हुए 30 साल हो गए है उसकी उम्र भी अब 55 हो गई थी | अब वो कुछ आराम करना चाहता था | रोज़ सुबह की भाग दोड़ और शाम की थकान से आज़ादी चाहता था | क्युकी अब बेटा जिम्मेदार हो गया है तो विकास अपने काम से रिटायर होना चाहता था | विकास ने अपने घर में अपने बच्चो और अपनी पत्नी से सलह कर ली थी |

अगली सुबह वो अपने मालिक के पास गया और उनको कहा सर मुझे काम करते हुए 30 साल हो गए है, अब मै बस आराम करना चाहता हूँ | सर में रिटायर होना चाहता हूँ | अजीत को ये सुन कर थोडा अजीब लगा क्युकी अजीत की सोच थी कि जीवन के आखिरी पल तक काम करना चाहिए | अजीत ने विकास से कहा अच्छे से सोचा है ना तुमने | विकास ने कहा सब सोच समझ कर ही फैसला किया है | अजीत ने कहा जैसी तुम्हारी मर्ज़ी | मगर जाते जाते तुम्हे मेरा आखिरी काम करना होगा | विकास ने कहा जरुर सर | विकास का मन तो नहीं था पर उसने सोचा चलो जाते जाते क्या सर को निराश करना | अजीत ने कहा यहाँ एक घर है वहा पर तुम्हे काम करना है और हा मेरे ख़ास लोगो का घर है तो तुम्हे अच्छा काम करना है | विकास ने सोचा चलो अखीरी काम है जल्दी जल्दी निपटा दूंगा | अजीत ने कहा इस घर को अपने हुनर से खूब सुंदर बनाओ | इस घर की सारी जिम्मेदारी तुम पे है जैसा इसे बनाना चाहो वैसा बनाओ बस ख्याल रहे की मेरे बहुत ख़ास का है ये घर तो खूब मेहनत करना इस घर में | विकास ने कहा जरुर सर में पुरे दिल से इस घर का काम करूँगा |

विकास ने उस घर का काम शुरू कर दिया पर उसे रिटायर होने की इतनी जल्दी थी की वो बहुत ही बेमन से काम कर रहा था | बस जल्दी जल्दी और बिना मन से, उसे बस काम जल्दी ख़तम करना था | अभी उस घर का काम आधा ही हुआ था कि उसने अपने सर से पूछा सर मुझे कब तक जाने को मिले गा तो अजीत ने उस से पूछा घर का काम कितना बाकि है तो विकास ने कहा अभी थोडा समय लगेगा | अजीत ने कहा बस काम पूरा करो और बस | विकास का मन बिलकुल भी नहीं था काम करने का अब पर फिर भी उसे बस ये काम पूरा करना था | वो जल्दी जल्दी और बे मन से काम को पूरा किया ओर अपने सर के पास ख़ुशी ख़ुशी गया कि सर मैंने काम पूरा कर लिया है अब बस मुझे आज्ञा दीजिये |

अजीत ने कहा रुको विकास तुम मेरे बहुत ही ख़ास कारीगर रहे हो जब अजीत ये सब बात कर रहा था तब विकास ने सोचा कही फिर कोई काम ना देदे | अजीत ने कहा तुमने अपने जीवन के 30 साल मेरी कंपनी को दिए है अब मै तुम को कुछ देना चाहता हु, विकास बहुत ही हैरान हो गया, उसने इस से पहले अजीत सर का ये रूप नहीं देखा था | अजीत ने उसी घर की चाबी विकास के हाथ में देते हुए कहा ये घर आज से तुम्हारा | ये सुन कर विकास के होश ही उड़ गए | उसने सपने में भी कल्पना नहीं की थी कि उसको घर उपहार के तोर में मिलेगा | विकास की आँखों में आंसू थे और होठों पर मुस्कराहट थी | उसने सर को बहुत ही भावुक होक शुक्रिया किया | विकास ने अजीत से कहा मै और मेरा पूरा परिवार आप का आभारी रहेगा |

विकास वहा से जाते जाते ये सोच रहा था कि काश मुझे पहले पता होता तो मै इस घर को ओर सुंदर ओर अच्छा बनाता | विकास खुश तो था ही पर उसके दिल में ये बात भी थी कि काश मुझे पहले पता होता तो मै इस घर को पुरे दिल से बनता क्युकी दिल से बनी हुई चीज़ तो भगवान को भी प्यारी है |

ये कहानी हमें ये सीख देती है कि जीवन में जो भी काम आप को सोंपा जाए उसे पुरे दिल से करना चाहिए क्युकी आप को नहीं पता उस काम का क्या फल आप को मिलेगा और कब फल मिलेगा | क्या पता जिस काम को आप छोटा समझ के कर रहे है वो ही आप की नाओ को पार लगाए | तब आप भी कहंगे कि काश मुझे पहले पता होता |

Sharing is caring! Share the post to your loved ones

Leave a Reply

Your email address will not be published.