बदलते वक़्त के साथ बदले राखी मनाने का तरीका

rakhi

रक्षाबंधन त्योहार भाई बहन के प्यार का प्रतिक है | दुनिया समय के साथ कितनी भी बदल जाए मगर भाई बहन का प्यार आज भी वो ही है | आज भी भाई बहन लड़ते है, बहस करते है मगर एक दुसरे का साथ भी देते है | आज के दिन बहन भाई कितने भी दूर हो मगर राखी के लिए वे एक दुसरे से मिलने जरुर आते है | अगर भाई बहन में कोई लड़ाई भी हो तो आज के दिन सब कुछ भूल के वे मिलते है और उनका खोया हुआ प्यार भी वापिस आ जाता है |

बदलते वक़्त के साथ बहुत कुछ बदल गया है | पहले बहुत कम लडकिया ही पढाई करती थी और बहुत कम लडकिया नौकरी करती थी | मगर आज का ज़माना अलग है | आज लडकिया किसी भी field में कम नहीं है चाहे वो पढाई हो या खेल खुद की दुनिया | लडकिया अब सिर्फ रसोई तक सिमित नहीं है | आज कल लड़के और लडकिया दोनों नौकरी करते है और घर की जिम्मेदारिया उठाते है | क्यूना बदलते वक़्त के साथ हम भी राखी मनाने का तरीका बदले |

क्यों सिर्फ भाई ही बहन को उपहार दे

आज लड़के और लडकिया कदम मिला के साथ साथ चल रहे है | आज सिर्फ लड़के ही नहीं बल्कि लडकिया भी अपने घर की जिम्मेदारिया उठा रही है | आज के जमाने की लडकिया आर्थिक रूप से मजबूत है | तो क्यू ना जब भाई बहन को उपहार दे तो बहन भी return gift के रूप में भाई को कोई उपहार दे | ऐसा करने से हम समाज में ये मेसेज पंहुचा सकते है कि लडकिया और लड़के दोनों ही एकसमान है |

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क्यों सिर्फ बहन ही पकवान बनाए

आज कल की लडकिया रसोई भी संभालती है और नौकरी भी करती है | खाने में रस भी डालती है और बैंक अकाउंट में बैलेंस भी बढाती है | उसी तरह से लडको को भी नौकरी के साथ साथ खाना बनाने में रुची लेनी चाहिए | राखी वाले दिन न सिर्फ बहन रसोई में पसीना बहाए बल्कि भाई को भी बहन के साथ मिल कर खाना बनाना चाहिए |

राखी सिर्फ एक के हाथ में ही क्यों सजे

आज बदलते वक़्त की मांग है कि बदलते वक़्त के साथ हम लोग बहुत कुछ बदल दे | आज लड़किया इतनी शक्ति शाली है कि वे हर रूप से अपनी रक्षा खुद कर सकती है | आज की तनाव भरी दुनिया में सिर्फ लड़कियों को ही नहीं जबकि लडको को भी मानसिक रूप से सहारे की जरुरत पड़ती है | जब जरूरत दोनों की है तो राखी सिर्फ एक के हाथ में क्यू | बहन भाई को और भाई बहन को राखी बांध कर प्रॉमिस ले कि वे दोनों एक दुसरे की हमेशा मदद करेंगे |

“प्यार से बांधा है दिल की डोर को, भाई तेरे हाथ में

सदा खुश रहे तू, बस ये ही कामना है”

आप सभी को truthofthoughts.com के तरफ से राखी का ये पावन त्यौहार बहुत बहुत मुबारक हो |

 

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6 thoughts on “बदलते वक़्त के साथ बदले राखी मनाने का तरीका”

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