Derek Redmond : True Winner  – डेरेक रेडमंड  : हार कर भी बना विजेता

derekredmond

“हिम्मत करने वाले की कभी हार नही होती”

ये वाक्य तो आपने सुना ही होगा पर इस वाक्य को सच करके दिखाया (Derek Redmond) डेरेक रेडमंड ने | बुरी से बुरी situation में भी जो हार न माने असल में वो ही विजेता कहलाता है | डेरेक रेडमंड (Derek Redmond) ने हम सब को सिखाया “Never Give Up” और “Never Play only for Medals” | किसी भी games में जीतने से कई ज्यादा जरुरी है, उस game को दिल और इज्जत के साथ खेलना है | सिर्फ Medals और prize ही आप को नाम नही दिला सकते, आप की game के प्रति शिद्दत भी आप को एक नए मुकाम तक पंहुचा सकती है |

इस Article को भी जरुर पढ़े : Blind C.E.O Srikanth Bolla

ये वाक्य है 1992 Olympic जो बार्सिलोना में हुआ था | ब्रिटिश खिलाडी डेरेक रेडमंड (Derek Redmond) 400 मीटर की दौड़ में सेमीफाइनल की Race में भागने के लिए तैयार खड़े थे | बहुत ही जोश के साथ डेरेक रेडमंड (Derek Redmond) ने अपनी Race की शुरुआत की | जीत का लक्ष्य अपने दिल और दिमाग में लिए जब डेरेक रेडमंड (Derek Redmond) भाग रहे थे तब उनके साथ एक हादसा हो गया | अचानक उनके जांघ की एक मांसपेशी टूट गई। इस असहनीय दर्द ने डेरेक की रफ्तार को धीमी कर दी। पर ये हादसा उनकी हिम्मत को नही तोड़ पाया | उस असहनीय दर्द में भी डेरेक रेडमंड (Derek Redmond) ने Give Up ना करने का फैसला लिया | ये जानते हुए भी की इस दर्द के साथ वो जीत न पाएंगे तब भी उन्होंने अपनी Race complete करने का decision लिया | डेरेक रेडमंड (Derek Redmond) को बहुत दर्द हो रहा था और वो ठीक से भाग भी नही पा रहे थे पर फिर भी वो अपनी Race पूरी करना चाह रहे थे |

इस Article को भी जरुर पढ़े : Mukesh Ambani

डेरेक रेडमंड (Derek Redmond) की आँखों से आंसू रुक नही रहे थे और वो रोते रोते अपनी Race पूरी कर रहे थे | उनका इतना दर्द देख के उनके पिता से रहा नही गया और वो Race के बीच में ही उसे रोकने आ गए | डेरेक रेडमंड (Derek Redmond) के पिता ने कहा तुम्हे ये सब करने की जरूरत नही है मेरे बच्चे | उसने रोते रोते अपने पिता से कहा में ये Race पूरी करना चाहता हु | उसके पिता ने उसके इस Decision का सम्मान किया और उस से कहा फिर तो इस Race में वो अकेला नही है, वो भी उसके साथ Race पूरी करेंगे | डेरेक रेडमंड (Derek Redmond) रोते रोते और लड़खड़ाते हुए उसने अपनी Race पूरी की | उस वक्त Stadium में 65000 लोग थे | डेरेक रेडमंड की “Never Give Up” attitude देख के वहा बैठे सभी लोगो ने खड़े होके तालियों के साथ उनके होसले की दात दी |

हम जीवन में कोई भी काम अगर दिल से करते है तो हमे जरुर कुछ न कुछ हासिल होता है चाहे वो इज्ज़त हो या अनुभव | दुनिया हमेशा डेरेक रेडमंड (Derek Redmond) को “Never Give Up Man” के नाम से याद रखेगी |

यदि आप को ये Article पसंद आया हो या फिर आप कोई Suggestion देना चाहते है तो नीचें दिए गए Comment Box में comment करके अपना view share करे |

Sharing is caring! Share the post to your loved ones

4 thoughts on “Derek Redmond : True Winner  – डेरेक रेडमंड  : हार कर भी बना विजेता”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *