खुशहाल जीवन की तलाश (Dalai Lama) – दलाई लामा

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“हमारे अस्तित्व का उद्देश्य ख़ुशी को तलाशना है”

दलाई लामा ने एरिज़ोना में अपने सभी श्रोतागण के सामने जीवन की बहुत ही गहरी बात समझाई थी | दलाई लामा ने कहा था कि –

हमारे जीवन का उद्देश्य सदा खुश रहना है | हम चाहे किसी भी धर्म में विश्वास रखे या किसी भी धर्म में विश्वास ना रखे लेकिन हम सब जीवन में कुछ तलाश रहे है | लेकिन हम सब की तलाश सदा खुश रहेने की तरफ ही है | सदा खुश रहना आसान नहीं है मगर हम ऐसा कर सकते है अपने दिमाग को training दे तो |

यहाँ पर “training of mind” का अर्थ सिर्फ दिमाग से नहीं जुड़ा है बल्कि दिमाग, भावनाए, दिल और ज्ञान से है | अगर आप कुछ अंदरूनी अनुशासन करे तब आप अपने रवैये में और अपने जीवन जीने के तरीके में काफी बदलाव पाएँगे | आप को उन कारणों को जानना  होगा जो आप को ख़ुशी के तरफ और दुःख के तरफ ले जाते है | जब आप को इस बात का आभास हो जाएगा तब आप उन कारणों को अपने जीवन से दूर करेंगे जो आप के लिए दुःख का कारण बनते है और उन कारणों को विकसित करेंगे जो आप को ख़ुशी के तरफ ले जाते है |एक एक पल में जाने ही कितने लोग जन्म लेते है मगर उन सब को अपने भविष्य का पता नहीं होता कि वे एक दिन जियेंगे कि कई साल | फिर हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है ?

“हमारे अस्तित्व का उद्देश्य ख़ुशी को तलाशना है”

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आपकी प्रसन्नता आपकी मनोदिशा से ज्यादा निर्धारित होती है | कभी कभी हमारी सफलता हमें क्षण भर की ख़ुशी देती है और कोई हादसा जीवन भर हमारे दिमाग में हावी रहता है | पर धीरे धीरे हम वापिस नोर्मल हो जाते है | जीवन में कुछ भी हो लेकिन ज्यादा जरुरी ये है की जो भी हो हम तुरंत नोर्मल हो जाए| इसे अनुकूलन (adaptation) कहते है |  बुद्ध धर्म में प्रसन्नता के चार स्तर बताए है – धन, सांसारिक संतुष्टि, आध्यात्मिकता और प्रबोधन | ये चारो स्तर मिल के इंसान की प्रसन्नता की खोज को पूरा करते है | हमारे जीवन में कई तत्व( factors) होते है जो हमें ख़ुशी और उत्साह के तरफ ले जाते है जैसे अच्छी सेहत, धन, दोस्त और परिवार | ये सभी ख़ुशी पाने के स्रोत है | लेकिन इन सभी स्रोत से आप ख़ुशी तभी पा सकते है जब आप के दिमाग की अवस्था सही हो |

“मानसिक स्थिरता ही खुशहाल जीवन की चाबी है”                         दलाई लामा

 यदि हमारे पास अच्छी सेहत हो या फिर बहुत सारा धन हो या अच्छा परिवार हो लेकिन हमारा दिमाग शांत न हो और हमारा मन अशांत हो, ऐसी स्तिथि में हमारे पास सब कुछ हो कर भी हम खुश ना हो पाएंगे | इस का अर्थ है कि खुशहाल जीवन के लिए सिर्फ ख़ुशी के स्रोत ही नहीं बल्कि इसके साथ साथ शांत दिमाग और शांत मन की भी जरुरत है | अगर आप दिमागी तोर पर खुश नहीं है तो आप शारीरिक तोर पर कभी खुश नहीं हो पाएंगे | यदि आप का दिमाग शांत हो और बाकी परिस्थिति आप के अनुकूल ना भी हो तब भी आप खुशहाल जीवन पा सकते है |

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आज कल की आधुनिक दुनिया में सभी के पास आराम का जीवन है, सभी के पास इतना धन है कि वो अपना जीवन ख़ुशी से जी सकते है, इतनी पढ़ाई सभी ने की है कि वे अपनी आर्थिक स्तिथि को हमेशा सुधार के रख सके | आज की दुनिया में सभी का “standard of living” ऊचा हो गया है लेकिन तब भी कई लोग डिप्रेशन (depression) का शिकार हो रहे है, कई ड्रग्स ले रहे है और कई suicide कर रहे है क्युकी आधुनिक दुनिया में सुख सुविधा तो बड गए है पर मानसिक शान्ति कम हो गई है | खुशहाल जीवन के लिए मानसिक शान्ति बहुत जरुरी है | जितना ज्यादा हमारा दिमाग शांत होगा उतना ही ज्यादा हम अपने जीवन में उत्साहित हो पाएंगे | मानसिक शांति का ये मतलब बिलकुल नहीं है कि खाली दिमाग बल्कि इसका अर्थ है कि आपका दिमाग प्यार और दया भाव से भरा होना चाहिए |  जब तक हम अंदरूनी अनुशासन कायम नहीं करते तब तक हम मानसिक शांति को नहीं पा सकते | बाहारी सुख सुविधा आप को कभी भी मन की शान्ति नहीं दे पाएगी | अगर आप अंदरूनी अनुशासन कायम करना सीख जाते है तब आप मानसिक रूप से शांत हो जाएंगे और तब आप अपने जीवन में हर तरफ खुशहाली ही खुशहाली पाएंगे |

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