Hindi Poem – हर इंसान अलग

सोच अलग व्यवहार अलग,

ज़ीने का अंदाज़ अलग

कुछ अलग है हम सब में,

फिर भी एक से दिखते है Continue reading “Hindi Poem – हर इंसान अलग”

वक़्त को वक़्त नही लगता बदलने में – Hindi Poem

वक़्त को वक़्त नही लगता बदलने में ,

सब्र्  के बाँध से ख़ुद को बांधना पड्ता है

होसला गर हो बुलंद और इरादो में तेज हो ,

पा जाओ गे सब कुछ गर दिल के नेक हो Continue reading “वक़्त को वक़्त नही लगता बदलने में – Hindi Poem”

वक्त की सब बात – Hindi Poem

वक्त की सब बात

वक्त की ही तो बात है सब

वरना तू  राजा,मै फकीर क्यू ? Continue reading “वक्त की सब बात – Hindi Poem”

शहीदो के नाम

वो रात भर ना सोई होगी, कई रात आँसू  बहाए होंगे

सुने बिस्तर  पर बार बार , हाथ उसने फेरा होगा

जिस किसीने  भी सीमा पर कोई , अपना खोया होगा

खोखले अहम की जंग में, किसीने अपना  सिंदुर पोछां होगा

राखी  पकड़  के  कोई  बेहना , जोर से  चिलाई  होगी

अपनो की आँख में, सेलाब सा  उतर आया होगा

दोस्तों ने भी  कई  रात , जोरो से भरी सिसकिया  होंगी

शहीदो के जाने के बाद, ऐसा केहर उनके अपनो में आया होगा

बेहनो ने खो दिया भाई , माओ ने खो दिया बेटा

सुनी हुई  माँग  किसीकी, लिपत के रोया किसी का पिता

पुरे देश का दिल गम गीन हुआ, युध के बाद आलम कुछ ऐसा हुआ

कहने  को शहीद हुए 18 जवान , ग़ोर से देखा 18 परिवार  नजर आए

एक  लकीर  की अहमियत  कई जानो से  ज्यादा  नजर आई

आज  सच  में दिल से आह निकल आई

ना   जाने   क्या  पाया किसी  ने,  लगता बस खोया – खोया  ही है

इस  तेरे  मेरे  की  जंग  में दिल रोया बस रोया ही  है

 

दर्द की नई पह्चान

अपनो  को  छोड़ गैरो  में आई  मै

गैरो को अपना समझा बहुत  पछ्ताई   मै

मेरे दर्द में भी दर्द ना दिखे

एसी  जगह  है ये  मेरे  लिए

मांग  भरते  ही दुनिया  का रंग दिखने लगा

सिक्के के दो पहलू का हर ढंग दिखने लगा

माँ के स्पर्श को तरस  सी गए मै

सर पे कोई हाथ फेरे, बिखर सी गई मै

अस्तिव के टुकडें दुर तक जा गिरे  है

कही दिल तो कही जहन  घायल पड़े  है

हां मैं उस देश की बेटी हूं

हां मैं उस देश की बेटी हूं , हां मैं उस देश की बेटी हूं
जहां पत्थरों में भी भगवान देखे जाते हैं
जहां आज भी स्त्री में सीता और नर में नारायण देखे जाते हैं
जहां आज भी सुबह बड़े बुजुर्गों के आशीर्वाद से होती है
जहां आज भी सुबह की पहली रोटी गाय को दी जाती है
जहां आज सुबह आरती की आवाज सुनाई जाती है
जहां आज भी शुभ काम के लिए दही शक्कर खिलाया जाता है
जहां आज भी बड़ों के पैर छूकर ही घर से जाया जाता है
जहां आज भी मां के बनाए पराठों की खुशबू दूर तक आती है
जहां आज भी मंदिरों की घंटियों की आवाज सुनाई देती है
जहा आज भी शिवजी जी को गंगाजल से मिलाया जाता है
तेरे मेरे का बहाव नहीं यहां हम हम का नारा है
जहां आज भी भाई-बहन रक्षाबंधन मनाते हैं
जहां आज भी गोलगप्पे खाने सब टोली में जाते हैं
जहां आज भी लड़की अपनी शादी की बात में शर्माती है
जहां आज भी लड़के वाले लड़की देखने जाते हैं
जहां आज भी बड़ों के फैसलों में छोटे सर झुकाते हैं
जहां आज भी दूसरों के गम में आंसू बहाए जाते हैं
जहां आज भी बड़े छोटे को स्नेह से बुलाते हैं
जहां आज भी ज्यादा काम जुगाड़ से हो जाते हैं
जहां आज भी रात को मां के पैर दबाए जाते हैं
जहां आज भी पापा के सर में तेल लगाया जाता है
हां मैं उस देश की बेटी हूं
जहां पत्थरों में भी भगवान देखे जाते हैं

SONIA BHATT

वीरो की याद में

त्याग दिया जीवन सारा , ख्वाइशों का नाश किया

सींच दिया भारत सारा, आजादी का नाम किया

तुम्हारे देन की रोटी हम आज तक खाते हैं

तुम्हारे ही कारण हम फक्र से सर उठाते हैं

सीना चौड़ा करके चलना तुमने ही सिखाया है

काले गोरे में भेद नहीं तुमने ही बतलाया है

ईटा ईटा चींख के बोले तुम्हारे किए हुए बलिदानों को

नाश नहीं होने देंगे तुम्हारे इन त्यागो को

– SONIA BHATT