सरदार वल्लभ भाई पटेल – जीवनी और निबंध

Biography of Sardar Vallabhbhai Patel in Hindi

भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में मुख्य भूमिका निभाने वाले एसे बुजुर्ग जो लोहा पुरुष के नाम से जाने जाते है |  लोहा पुरुष के नाम से जानने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल एकता के प्रतीक माने जाते है | सभी रियासतों को एक कर के भारत को एक रूप में ढालने का पूरा क्षरे सरदार वल्लभभाई पटेल को जाता है |   भारत की आज़ादी से पहले भी और बाद में भी जिन्होंने अहम भूमिका निभाई उनका नाम है सरदार वल्लभभाई पटेलContinue reading “सरदार वल्लभ भाई पटेल – जीवनी और निबंध”

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कैसे मिक्सर ग्राइंडर बेचने वाले ने बनाया मैकडॉनल्ड को सफल

मिक्सर ग्राइंडर बेचने की नौकरी के दौरान, रे क्रोक एक अलग रेस्तरो में पहुचे जिसका नाम मैकडॉनल्ड था जहा रे क्रोक ने ग्राहकों को स्वयं के लिए सेवा करते हुए पाया | रे क्रोक ने वहा देखा कि ग्राहकों की लम्बी लाइन है ओर सभी ग्राहक लम्बी लाइन में मुस्कुराते हुए खड़े है | रे क्रोक ने कई ग्राहकों को रोकते हुए बात भी कि यहाँ की क्या खास बात है | उन सब ने रे क्रोक को बताया कि “अगर आप को बेस्ट हेम बर्गर सिर्फ 15 मिनट में चाहिए तो आप सही जगह खड़े है” | 

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कार्ल मार्क्स – मार्क्सवाद

कार्ल मार्क्स

कार्ल मार्क्स का जन्म 5 मई 1818, जर्मनी में हुआ था | कार्ल मार्क्स दुनिया के सबसे प्रभावशाली दार्शनिक और समाजवादी कार्यकर्त्ता  के रूप में जाने जाते है | कार्ल मार्क्स जर्मनी में जन्मे थे पर मृत्यु के समय वह ब्रिटिश नागरिक थे | कार्ल मार्क्स के पिता हिर्सचेल पेशे से वकील थे | कार्ल मार्क्स के परिवार ने 1824 में ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था और कार्ल मार्क्स के पिता का नाम हिर्सचेल मार्क्स से बदल कर हैंनरिच मार्क्स हो गया था | कार्ल मार्क्स की माता का नाम हेनरीएत्ता प्रेस्सबुर्ग था | हैंनरिच मार्क्स  और हेनरीएत्ता प्रेस्सबुर्ग के चार बच्चे थे – कलर मार्क्स, सोफी, एमिली और लुइस |

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ए पी जे अब्दुल कलाम का सन्देश देश के युवाओ के नाम

ए पी जे अब्दुल कलाम वो नाम है जिसको सुनते ही सब के दिलो में इज्ज़त का भाव आ जाता है | वो नाम है जिसके याद आते ही सब के दिल में इंसानियत एक बार फिर जन्म लेती है | ज़मीन से जुड़े रहना और कड़ी मेहनत करना जिसने हम सब को हमेशा ये पाठ सिखलाया है वो है हमारे प्यारे अब्दुल कलाम जी | कड़ी मेहनत, सच्ची लगन, नेक दिल, इंसानियत धर्म को मान ने वाला, हर इन्सान की मदद करने वाला ये सब तो बस कुछ चंद गुण ही थे कलाम जी के, उनके अंदर तो गुणों का सागर था | उनके पास सब कुछ था पर नहीं था तो बस अहंकार | बहुत ही सरल और सहज व्यक्ति थे कलाम जी | कलाम जी दिखावे से दूर और तारीफों के शोर से बहुत दूर ही रहना पसंद करते थे | Continue reading “ए पी जे अब्दुल कलाम का सन्देश देश के युवाओ के नाम”

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माइकल जॉर्डन की जीवन की कहानी – पैर की हड्डी टूटने के बाद भी जिनका होसला नहीं टूटा  

बास्केटबाल के सुपर स्टार माने जाने वाले माइकल जॉर्डन दुनिया के सफल खिलाडियों में से एक है | आए जाने उनके जीवन के बारे में विस्तार से : Continue reading “माइकल जॉर्डन की जीवन की कहानी – पैर की हड्डी टूटने के बाद भी जिनका होसला नहीं टूटा  “

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अमिताभ बच्चन और उनकी जीवन की खास बाते

अमिताभ बच्चन इस नाम को शायद ही कोई होगा जो नहीं जानता होगा | अमिताभ बच्चन बिग बी, महा नायक और शहंशाह के नाम से भी जाने जाते है | जीवन में बहुत से उतार चड़ाव देख ने की वजह से अमिताभ बच्चन हीरे की तरह चमकने  की काबिलियत रखते है | आए जाने उनके जीवन के कुछ ख़ास पलो के बारे में :

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सन्यास को अपनाए, अपराध ना बनाए – ओशो

Osho – Meditation & Sanyas

ओशो का संन्यास के बारे में अलग ही सोच विचार रहा है | ध्यान के बिना आप आंतरिक शांति नहीं पा सकते और सन्यास भी जीवन के लिए बहुत जरुरी है | ओशो ये अच्छे से जानते थे कि बदलते वक़्त के साथ बदलना भी जरुरी है वरना सन्यास नाम कही इस दुनिया में खो ना जाए | ओशो हमेशा से ही पारम्परिक सन्यास और सन्यासियों के खिआफ थे | ओशो ने दुनिया को सन्यास का सही अर्थ समझाया – ओशो कहते है कि सन्यास मानवता की आत्मा है | उसे बचाया ही जाना चाहिए | अब सन्यास को नए रूप में आना होगा | सन्यास को पूरी दुनिया में फैलाना है | संसार में उसकी जड़े होगी और उसकी सुवास आकाश में फैलेगी | ओशो ने सन्यास देना शुरू किया और उन्होंने सबसे पहले सन्यास दिया “माँ आनन्द मधु” को 24 सितम्बर 1970 में | Continue reading “सन्यास को अपनाए, अपराध ना बनाए – ओशो”

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