क्या इलेक्ट्रिक गाड़ी सच में प्रदुषण मुक्त होती है ?

हम सभी जानते है की पेट्रोल और डीजल गाडिया काफी प्रदुषण उत्पन्न करती है पर क्या हम जानते है की जो गाडिया भविष्य में आने वाली है जिन्हें हम इलेक्ट्रिक कार , इलेक्ट्रिक बस , ई – वाहन के रूप में कह सकते है वो पूरी तरह से प्रदुषण मुक्त है या नहीं !!!!

तो आइये जानते है की ई – वाहन से कितना प्रदुषण होता है :-

सबसे पहले जानते है की ई- वाहन किस्से चलते है ?
ई-वाहन बैटरी द्वारा चलते है और बैट्री बिजली से चार्ज होती है और बिजली भारत में ६५ % से ज्यादा आज भी कोयले से ही बनती है | इसी लिए इलेक्ट्रिक वाहन को कोयले से चलने वाले वाहन के रूप में कहा जा सकता है |

तो क्या तेल से चलने वाली कार ज्यादा प्रदुषण करती है या इलेक्ट्रिक कार ???

यदि डीजल कार और इलेक्ट्रिक कार में तुलना किया जाए तो दोनों ही कार लगभग एक सामान प्रदुषण करती है अगर इलेक्ट्रिक कार को कोयले द्वारा पैदा की हुई बिजली से चलाया जाए तो | डीजल कार जहा 18000 पौंड CO2 पैदा करती है वाही इलेक्ट्रिक कार २५००० पौंड CO2 पैदा करती है |

परन्तु यदि ई- वाहन को सोलर से जोड़ दिया जाए तो इसमें कोई संदेह नहीं है की इलेक्ट्रिक वाहन प्रदुषण कम करने में सक्षम होगीं |

इलेक्ट्रिक कार में सोलर को जोड़ने में भी अपने फायदे और नुकसान है |

जैसे :- १) सोलर से जोड़ने पर बैट्री की लाइफ कम हो जाती है और बैट्री बदलने का खर्चा बढ़ जाता है |
२) सोलर पैनल को बड़ा संभालना पड़ता है जरा सी लापरवाही पुरे पैनल को नुकसान पंहुचा सकती है |
३) सोलर पैनल सेबल अच्छा दक्षिण दिशा में कम करता है परन्तु यह हमेशा संभव नहीं हो पता की गाड़ी हमेशा दक्षिण दिशा के हिसाब से ही खड़ी हो |

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Learn from Children

Learn from Children

Children are a pure form of God. You can feel God in the touch of children. Children are a secret book of God. God have given a lot of good traits to children. We can learn a lot from them. Children too can teach us, we just need to have an open mind. Continue reading “Learn from Children”

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Happy Diwali – Stories & Celebration

Happy Diwali : The brightest festival among all the Hindu festival is Diwali. Diwali is a festival of light.Happiness and joy are all around the country. Everyone enjoy Diwali with family, friends, and relatives. On Diwali, people meet their families and near & dear one. Every Hindu family celebrates Diwali with love.
Diwali is celebrated as a day on which Lord Rama returned to his Kingdom Ayodhya after 14 years of exile, in which he put an end to the demon Ravana of Lanka, who was a great Pundit, highly learned but still evil dominated his mind. After this victory of Good over Evil, Rama returned to Ayodhya. In Ayodhya, the people welcomed them by lighting rows of clay lamps. So, it is an occasion in honor of Rama’s victory over Ravana; of Truth’s victory over Evil. Continue reading “Happy Diwali – Stories & Celebration”

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Story behind Dhanteras – Happy Dhanteras

Dhanteras is a most celebrated festival in India. Dhanteras festival falls in the month of Kartik(Oct-Nov) on the thirteenth day of the dark fortnight. Two days before Diwali, Dhanteras is celebrated. In India, on Dhanteras, Lakshmi – the Goddess of wealth – is worshiped to provide prosperity and happiness. As the word itself explains, Dhan means wealth and ‘Tera’ means 13th. People are celebrating Dhanteras by lighting a lamp in evening. Dhan – Lakshmi is welcomed into the house. Some families are also making Rangoli in front of the door just to welcome the Goddess Lakshmi. Aartis are sung and fruits and sweets are offered to her. On Dhanteras Lord Kuber is also worshiped by Hindu. This custom of worshiping Lakshmi and Kuber together is in the prospect of doubling the benefits of such prayers.
People flock to the jewelers and buy gold or silver jewelry or utensils to venerate the occasion of Dhanteras.
There is a belief that on Dhanteras buying new clothes, Gold and silver are very good and it will increase the wealth and prosperity. New things which are purchase on Dhanteras will get 13 times growth over a year.

Story behind the Dhanteras

There was a story that the 16- year old son of King Hima. His horoscope predicted his death by snake-bite on the fourth day of his marriage. On that particular day, his newly-wed wife did not allow him to sleep. She laid out all her ornaments and lots of gold and silver coins in a heap at the entrance of the sleeping chamber and lit lamps all over the place. Then she narrated stories and sang songs to keep her husband from falling asleep.
The next day, when Yama, the god of Death, arrived at the prince’s doorstep in the guise of a Serpent, his eyes were dazzled and blinded by the brilliance of the lamps and the jewelry. Yam could not enter the Prince’s chamber, so he climbed on top of the heap of gold coins and sat there the entire night listening to the stories and songs. In the morning, he silently went away.
Thus, the young prince was saved from the clutches of death by the cleverness of his new bride, and the day came to be celebrated as Dhanteras. And the following days came to be called Naraka Chaturdashi (‘Naraka’ means hell and Chaturdashi mean 14th). It is also known as ‘Yamadeepdaan’ as the ladies of the house light earthen lamps or ‘deep’ and these are kept burning throughout the night glorifying Yama, the god of Death. Since this is the night before Diwali, it is also called ‘Chhhoti Diwali’ or Diwali minor.

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करवा चौथ क्या करे और क्या न करे

करवा चौथ का पवित्र व्रत सुहागन स्त्रियाँ अपने पति की अच्छी सेहत एवं लम्बी आयु के लिए रखती हैं।इस दिवस पर महिलाएं अन्न और जल ग्रहण किए बिना पूरा दिन उपवास करती हैं। और जब Continue reading “करवा चौथ क्या करे और क्या न करे”

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जानिए इलेक्ट्रिक कार और चार्जिंग स्टेशन के बारे में सब कुछ

इलेक्ट्रिक कार (ELECTRIC CAR ) आज के युग की सबसे बड़ी जरुरत बन गई है , हम आज कही भी जाने के लिए कार का इस्तेमाल करते है पर वे या तो पेट्रोल , डीजल से चलती है या किसी गैस से, पर ये सब पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुचाती  है और बहुत महंगी भी पड़ती है ।

तो आइये हम समझते है की ये इलेक्ट्रिक कार क्या होती है , कैसे बनती है, कैसे चार्ज होती है, कितने की मिलती है , एक किलोमीटर चलने में क्या खर्चा आता है , उसकी बैटरी Continue reading “जानिए इलेक्ट्रिक कार और चार्जिंग स्टेशन के बारे में सब कुछ”

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जाने वॉल्वो की “डेथ प्रूफ” कार के बारे में

दुनिया भर में लाखो लोग अपनी जान रोड एक्सीडेंट में गँवा देते है ! इन हादसों में कई ऐसे होते है जो छोटी सी इंसानी गलती की वजह से होते है जिन्हें रोका जा सकता है – जैसे गाड़ी तेज़ चलाना , शराब पीकर चलाना , बारिश में दिखाई न देना , लापरवाही से चलाना , ध्यान न देना , ट्राफिक रूल्स को न मानना या लेन से हट कर गाड़ी चलाना !

ये ऐसे कुछ हादसे है जिनको कम किया जा सकता है और इसी कोशिश में स्वीडेन की ऑटो कोम्पनी “वॉल्वो” एक ऐसी तकनीक लेकर आ रही है जिसमे ऐसे हादसों को रोका जा सके इसी लिए इस तकनीक कार को Continue reading “जाने वॉल्वो की “डेथ प्रूफ” कार के बारे में”

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दयालुता का कार्य- ACT OF KINDNESS

दयालुता का कार्य – ACT OF KINDNESS कोई साधारण कार्य नहीं है पर कठिन भी नहीं है ! जीवन में हम बहुत सारे काम करते है जिससे हमें मान, सम्मान, पैसा और बहुत कुछ मिलता है पर क्या हम कोई ऐसा काम करते है जिससे दूसरो को सुख या आराम मिले ! Continue reading “दयालुता का कार्य- ACT OF KINDNESS”

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तुलसी विवाह – Story and Importance of Tulsi vivah

Tulsi Shaligram Vivah Story in Hindi

तुलसी विवाह कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी में मनाया जाता है | इस दिन की मानता है कि आज ही के दिन भगवान विष्णु और तुलसी माता का विवाह हुआ था | तुलसी विवाह की पूरी कथा पद्मा पुराण में है | तुलसी का दूसरा नाम वृंदा भी है | तुलसी माता भगवान विष्णु को बहुत प्रिय थी |
Continue reading “तुलसी विवाह – Story and Importance of Tulsi vivah”

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जाने क्यों है नेटवर्क इंडस्ट्री एमवे की कर्ज़दार


आज एमवे कंपनी नेटवर्क मार्केटिंग के क्षेत्र में दुनिया की नंबर वन कंपनी है | एमवे कंपनी 1959 में शुरू हुई और लगातार सफलता की ओर बड़ती रही | एमवे कंपनी के 450 उत्पाद है जिसे कंपनी खुद बनाती है | जिसमे से 380 पेटेंट शामिल है | इन पेटेंट उत्पादों के पीछे कई वैज्ञानिको की कड़ी मेहनत है | एमवे के कई लाखो में सक्रिय वितरक है | कई कंपनियों का एमवे के साथ टाई अप है, इन कंपनियों के लगभग 3000 उत्पाद एमवे में शामिल है | एमवे 90 से ज्यादा देशो में फैली हुई है और हर देश में एमवे को सफलता ही मिली है |

Continue reading “जाने क्यों है नेटवर्क इंडस्ट्री एमवे की कर्ज़दार”

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कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग ४

अभी तक आपने पढ़ा की कैसे नीरज और चित्रा मिले, कैसे उन्हें प्यार हुआ और जब उनके परिवार वालो को पता चला तो उनकी क्या प्रतिक्रिया हुई | अब पढ़िए आगे की कहानी

कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग १ पढने के लिए यहाँ क्लिक करे

कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग २ पढने के लिए यहाँ क्लिक करे

कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग ३ पढने के लिए यहाँ क्लिक करे

चित्रा के घर वालो को पता लगने के बाद जैसे चित्रा पर दुखो का पहाड़ गिर पड़ा | चित्रा जहा सबकी चहेती थी वहीं सबकी नफरत की शिकार होने लगी | सभी लोग उसे कोसते और ताने मारते पर चित्रा का हौसला इससे बिलकुल भी नहीं टूटता था वो अपने निश्चय पर दृढ़ थी और किसी की बात पर उसको कोई फर्क नहीं पड़ता था | समय बीत रहा था पर उसके परिवार पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा था की चित्रा पर क्या बीत रही है उधर नीरज दूसरी नौकरी में व्यस्त हो गया था क्योकि उसके ऊपर पूरे परिवार की जिमीदारी भी थी | उसका भाई भी अब उम्र में काफी बड़ा हो गया था पर दिमाग से आज भी वैसा ही था इस लिए नीरज को उसपर विशेष ध्यान देना पड़ता था |
Continue reading “कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग ४”

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अगर आप अनिद्रा से परेशान है तो जरुर पढ़े – Solution for insomnia

नींद हमारे जीवन के लिए बहुत जरुरी है | सारे दिन की थकान हमारी गहरी मीठी नींद से दूर हो जाती है | नियमित रूप से गहरी नींद आना बहुत जरुरी होता है हमारे शरीर के लिए | अच्छी नींद से खोई हुई शक्ति वापिस आ जाती है और शरीर के सभी अंग तरोताज़ा महसूस करते है | यदि दिन भर काम करने के बाद आप को रात को अच्छी नींद ना आए तो आप का शरीर टूटा टूटा महसूस होगा | अच्छी नींद ना आने से आप चिडचिडा महसूस करोगे और सारा दिन आप परेशान रहोगे | Continue reading “अगर आप अनिद्रा से परेशान है तो जरुर पढ़े – Solution for insomnia”

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कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग ३

यह कहानी है एक ऐसे बुजुर्ग जोड़े की जो बचपन से साथ खेले और बड़े होते होते एक दुसरे के प्यार में पड़ गए पर भाग्य को कुछ और ही मंज़ूर था और वो बिछड़ गए और बुढ़ापे में फिर से मिले | इसमें अभी तक आप ने पढ़ा कि नीरज और चित्रा के स्वाभाव और उनके परिवार के और उनके बीच के रिश्ते और फर्क के बारे में , अब पढ़िए आगे क्या हुआ जब चित्रा ने नीरज को अपने कमरे से दुत्कार कर निकाल दिया|

यहाँ पढ़े कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग 1

चित्रा के निकालने पर नीरज बिलकुल हिल सा गया था उसे गरीब-अमीर का फर्क समझ आ गया था, उसी दिन नीरज ने ठान लिया कि वो अब और मेहनत करेगा और अमीर बनकर रहेगा | उस दिन की बात तो नीरज अपने मन में रख लिया और किसी को नहीं बताया पर उसी दिन से उसने काम पर और ध्यान देने लगा और खूब मेहनत करने लगा | Continue reading “कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग ३”

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कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग २

अभी तक आपने पढ़ा नीरज के बारे में, उसके परिवार के बारे में, और उसके स्वभाव और काम के बारे में, अब पढ़िए इस कहानी के अगले किरदार यानि की उस लड़की के बारे में जो नीरज से जुड़ी हुई है |

भाग -१ को पढने के लिए यहाँ क्लिक करे

उस लड़की का नाम था चित्रा सिंह | चित्रा एक जमीदार परिवार में जन्मी थी जो पैसे में काफी संपन्न थे और उसके पिता भोला सिंह एक प्रसिद्ध व्यापारी भी थे | चित्रा के पिता एक बहुत ही कट्टर परिवार के जमीदार थे और आन मान और शान के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे | चित्रा की माँ तुलसी देवी बहुत ही सात्विक स्वाभाव की थी | घरेलु काम में माहिर होने के साथ साथ वो सामाजिक कार्यो में भी काफी दिलचस्पी रखती थी | चित्रा की एक बहन भी थी जिसका नाम था आतिया सिंह वो चित्रा से २ साल बड़ी थी और एक भाई था रमेश सिंह जो चित्रा से ५ साल बड़ा था | Continue reading “कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग २”

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कहानी एक बुजुर्ग कपल की -भाग १

ये कहानी है एक ऐसे जोड़े की जो बचपन से साथ-साथ खेले कूदे और बड़े हुए, पर जवान होते होते सब कुछ बदल गया और बुढ़ापे में कैसे उन्होंने अपने प्यार को फिर से पाया |

आज मै आपको बताने जा रहा हूँ एक कहानी जो एक लड़का और एक लड़की की ज़िन्दगी के इर्द गिर्द घूमती है| तो आइये सबसे पहले मै बताता हूँ उस लड़के के बारे में |

उस लड़के का नाम था नीरज आहूजा | नीरज एक बहुत ही गरीब सिन्धी परिवार का लड़का था, जो परिवार के साथ सिंध प्रान्त के खैरपुर जिले में रहता था | उसके पिता नाथू मल्ल की एक छोटी सी साइकिल बनाने की दूकान थी | Continue reading “कहानी एक बुजुर्ग कपल की -भाग १”

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एक छोटे से कुत्ते के बड़े दिल की कहानी

एक कुत्ता था वो अपने भाई बेहनो में सबसे बड़ा था, एक बार कि बात है वो सभी एक साथ खेलते खेलते जंगल में भटक गए तभी वहा एक भेड़िया आ गया, पर उसको किसी भी छोटे कुत्ते ने नही देखा सिर्फ़ बड़े वाले ने देखा, उसने देखा कि भेड़िया छोटे कुत्तों कि तरफ़ घूरता आगे बढ़ता जा रहा है तभी Continue reading “एक छोटे से कुत्ते के बड़े दिल की कहानी”

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बूढ़ी अम्मा की कहानी

एक अम्मा थी जो संतरे बेचती थी, उसके यहा एक आदमी आता था रोज जो उससे संतरे लेता था पर उससे संतरे लेकर वही संतरे खोल कर चखता और अम्मा से किच किच करता के संतरे सही नही है, और अम्मा चखती और कहती थी, “ठीक तो है बेटा” Continue reading “बूढ़ी अम्मा की कहानी”

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GST the main issue in these days for many business man, they are worried about many things and confused too, what will happened to old stock, how will they get the tax credit of old stock, e-way bill, Transitional issues, composition supply or mix supply, time of supply, receipt voucher, refund voucher,GSTR 1,2 Continue reading “GST: KNOW MORE IN DETAIL”

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क्या है करेंसी चेस्ट? यूं कुबेर के खजाने से बंटता है रुपया

केन्द्रीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का सबसे प्रमुख काम देश में नई-पुरानी करेंसी का संचार करना है.

इसमें नई करेंसी और नए सिक्कों का देशभर में वितरण, पुरानी करेंसी को रिसाइकल करना और सभी बैंकों में एकत्र हुए अत्यधिक कैश को अपने पास रखने का काम किया जाता है. इन सभी काम को करने के लिए रिजर्व बैंक के पास देशभर में कई खजाना बनाना पड़ता है जिसे वह करेंसी चेस्ट कहता है. इस करेंसी चेस्ट या कुबेर के खजाने को देशभर कई जगहों पर बनाया जाता है जिससे रिजर्व बैंक का करेंसी वितरण काम आसानी से किया जा सके. करेंसी चेस्ट का काम देशभर में करेंसी के संचार को बनाए रखने के लिए मौजूदा समय में रिजर्व बैंक के पास लगभग 4211 करेंसी चेस्ट हैं. इसके अलावा सिक्कों का संचालन करने के लिए उसके पास 3990 डिपो हैं. ये चेस्ट देशभर में फैले हुए हैं क्योंकि संचार के साथ-साथ इन खजानों में किसी भी सामान्य बैंक में जमा कराए गए रुपयों (कैश रिजर्व रेशियो) को भी रखा जाता है. नोटबंदी की प्रक्रिया शुरू होते ही ये करेंसी चेस्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. सरकारी प्रेम में नई करेंसी की प्रिंटिग होने के बाद उसे सीधे देशभर में फैले इन करेंसी चेस्ट में पहुंचा दिया जाता है. रिजर्व बैंक का दिया यह नक्शा बताता है कि देश में कहां-कहां करेंसी चेस्ट मौजूद हैं. करेंसी चेस्ट में पार्टनर करेंसी चेस्ट को देशभर में स्थापित करने के लिए रिजर्व बैंक प्रमुख सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का सहयोग लेता है. इसके अलावा इस काम में 6 सहयोगी बैंकों, सभी नैशनलाइज्ड बैंक, प्राइवेट सेक्टर के कुछ चुने हुए बैंक, 1 विदेशी बैंक, 1 कोऑपरेटिव बैंक और ग्रामीण बैंक को भी शामिल किया जाता है. इस काम को करने के रिजर्व बैंक अपने देशभर में फैले 18 ब्रांच या इशू ऑफिस के जरिए करता है.

कैसे पहुंचाई जाती है चेस्ट में करेंसी

देश के 4 सरकारी प्रेस में करेंसी की प्रिंटिंग होने के बाद उसे सीधे रिजर्व बैंक के 18 इशू ऑफिस में पहुंचाया जाता है. इन ऑफिस तक नई करेंसी को पहुंचाने के लिए रेलवे, एयर फोर्स के माल वाहक विमान और राज्य पुलिस की मदद ली जाती है. शहरों में यातायात के लिए आमतौर पर करेंसी की बड़ी मूवमेंट के लिए निजी क्षेत्र से बड़े कंटेनर वेहिकल किराए पर लिए जाते हैं. इस पूरी प्रक्रिया की पूरी गोपनियता रखी जाती है और देश के कुछ संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के लिए सेना की मदद भी ली जाती है. इसके बाद करेंसी को रिजर्व बैंक की निगरानी में अन्य बैंकों द्वारा चलाए जा रहे करेंसी चेस्ट में पहुंचा दिया जाता है.

एटीएम और बैंक शाखाओं को मिलता है रुपया

रिजर्व बैंक के इस विशाल नेटवर्क से करेंसी को बैंकिग व्यवस्था में डाला जाता है. इसमें प्रमुख काम देशभर में सभी बैंकों के एटीएम में रुपया भरने के काम के साथ-साथ बैंक की सभी ब्रांचों में दिन के काम के लिए करेंसी की सप्लाई की जाती है.

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Tricks that rich people use every day

इन वजहों से मि‍डल क्‍लास लोग नहीं बन पाते अमीर, ये सोच करती है अलग…

Continue reading “Tricks that rich people use every day”

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Article on Relationship in hindi: रिश्तों की अहमियत समझे

ज़रा सोचे कि आप अपने ज़ीवन के आखिरी पल को ज़ी रहे है उस समय आप किस से बात करना चाहेंगे या किस के साथ उस पल को जीना चाहेंगे? आप को अपने इस सवाल का ज़वाब मिल गया होगा आप किसी अपने के साथ उस पल को ज़ीना चाहेंगे कोई अपनी माँ के साथ तो कोई अपने जीवन साथी के साथ तो कोई अपने बच्चो के साथ. अपने आखिरी पल में हर कोई अपनो की कीमत समझता है अगर इस कीमत का एहसास सब को पहले हो जाए तो सब हर रिश्तों कि कदर जरुर करेंगे
Continue reading “Article on Relationship in hindi: रिश्तों की अहमियत समझे”

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Work upon yourself – Personal Development – ख़ुद पर काम करे

You have to work upon yourself – Personal Development

आप को उस से ज्यादा मिल सकता है जो आप के पास है
क्युकि आप उस से ज्यादा हो सकते हो जो आज आप हो
Continue reading “Work upon yourself – Personal Development – ख़ुद पर काम करे”

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Know about Yogi Aditya Nath and Gujrat muslim yogi GulabNath connection

Yogi Aditya Nath is well known to every body and every body knows that he is anti Muslim person but very few know that He personally help every body even Muslim also, Many shops in the Gorakhnath temple are run by Muslims and even many fast friend and supporters are from Muslim background. One of the example of the same is Gulab nath who is muslim , the age difference of the both have very much but the souls of both were connected so deeply that at the time of death of Gulab nath , Yogi Aditya Nath even did not drink water for 3 days and take all the work on his hand to handel the problems after him. They were also called by Guru Bhai.

Now what is the story behind Yogi Adityanath and Gulab nath.

Gulab nath maharaj urf Gul Muhammad khan was from banaskatha and belongs to Pathan Muslim family . His forefathers were from Afghanistan and came to Gujrat from there. He was main person in Visanagar Peeth. Yogi respect Gulab Nath as his elder brother. He connected with Nath sampraday and become Gulab nath from Gul Muhammad. Mahant Avaidyanath was the connecting person between both of them and both Gulab nath and Aditya nath were very close to Avaidyanath.

Read and know more about Mahant Yogi Aditya Nath

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Life of Mother Teresa

Mother Teresa MC, known in the Catholic Church as Saint Teresa of Calcutta (born in Skopje, Macedonia; Albanian 26 August 1910 –5 September 1997), was an Albanian-Indian Roman Catholic nun and missionary. She was born in Skopje (now the capital of the Republic of Macedonia), then part of the Kosovo Vilayet of the Ottoman Empire. After living in Macedonia for eighteen years she moved to Ireland and then to India, where she lived for most of her life.
Continue reading “Life of Mother Teresa”

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The story of Make my trip and its founder Deep Kalra

The story of Make my trip and its founder Deep Kalra

Back in 1995, Deep Kalra quit his steady, safe, good-paying & boring job of a banker to join AMF Bowling, an American company that was trying to setup bowling alleys and billiard halls for the first time in India. Kalra managed to open about 200 lanes, most of them in small centers. Continue reading “The story of Make my trip and its founder Deep Kalra”

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Life story of Mukesh Ambani

Mukesh Ambani is an Indian business tycoon, Chairman of Reliance Industries Limited (RIL) and is ranked among the richest people in the world. He is the richest person in India and is considered to be one of the world’s most powerful personalities. His brilliance and success can be derived from the fact that his company is currently India’s second most valuable company by market value. Continue reading “Life story of Mukesh Ambani”

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Inspirational Story of Blind CEO Srikanth Bolla

भगवान उसे इस रंग-बिरंगी दुनिया में लाये तो सही लेकिन उसके आँखों को वो रौशनी देना ही भूल गए, जिससे वह इन रंगों को देख पाता। जिसकी जिन्दगी कभी आसान नहीं रही। जन्म से ही निराशा के काले बादल उसके जीवन में छाये रहे। Continue reading “Inspirational Story of Blind CEO Srikanth Bolla”

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Story of Ritesh Agarwal : Founder Oyo Rooms

क्या आप यह विश्वास कर सकते हैं कि ऐसी उम्र जब हम और आप खुद को पूरी जिंदगी के लिए तैयार करते है या जब हम सब कड़ाके की ठंड में रजाई में दुबके रहते हैं और जब बरसात के दिनों में नम हवा अलसाकर हमारे दिमाग पर नशे की तरह छा रही होती हैं, जीवन के ऐसे नाजुक पड़ाव पर किसी युवा ने आँखों में स्वयं कुछ बड़ा करने के सपने लिए रोज 16 घंटे काम कर 360 करोड़ से भी ज्यादा की कंपनी की नींव रख दी हो? Continue reading “Story of Ritesh Agarwal : Founder Oyo Rooms”

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Buddha Biography

Born in Nepal in the 6th century B.C., Buddha was a spiritual leader and teacher whose life serves as the foundation of the Buddhist religion.

Siddhartha Gautama, who would one day become known as Buddha (“enlightened one” or “the awakened”), lived in Nepal during the 6th to 4th century B.C. While scholars agree that he did in fact live, the events of his life are still debated. According to the most widely known story of his life, after experimenting with different teachings for years, and finding none of them acceptable, Gautama spent a fateful night in deep meditation. During his meditation, all of the answers he had been seeking became clear, and achieved full awareness, thereby becoming Buddha.

Early Years

The Buddha, or “enlightened one,” was born Siddhartha (which means “he who achieves his aim”) Gautama to a large clan called the Shakyas in Lumbini, (today, modern Nepal) in the 6th century B.C. His father was king who ruled the tribe, known to be economically poor and on the outskirts geographically. His mother died seven days after giving birth to him, but a holy man prophesized great things for the young Siddhartha: He would either be a great king or military leader or he would be a great spiritual leader. To keep his son from witnessing the miseries and suffering of the world, Siddhartha’s father raised him in opulence in a palace built just for the boy and sheltered him from knowledge of religion and human hardship. According to custom, he married at the age of 16, but his life of total seclusion continued for another 13 years.

Beyond the Palace Walls

The prince reached his late 20s with little experience of the world outside the walls of his opulent palaces, but one day he ventured out beyond the palace walls and was quickly confronted with the realities of human frailty: He saw a very old man, and Siddhartha’s charioteer explained that all people grow old. Questions about all he had not experienced led him to take more journeys of exploration, and on these subsequent trips he encountered a diseased man, a decaying corpse and an ascetic. The charioteer explained that the ascetic had renounced the world to seek release from the human fear of death and suffering. Siddhartha was overcome by these sights, and the next day, at age 29, he left his kingdom, wife and son to lead an ascetic life, and determine a way to relieve the universal suffering that he now understood to be one of the defining traits of humanity.

The Ascetic Life and Enlightenment

For the next six years, Siddhartha lived an ascetic life and partook in its practices, studying and meditating using the words of various religious teachers as his guide. He practiced his new way of life with a group of five ascetics, and his dedication to his quest was so stunning that the five ascetics became Siddhartha’s followers. When answers to his questions did not appear, however, he redoubled his efforts, enduring pain, fasting nearly to starvation, and refusing water.

Whatever he tried, Siddhartha could not reach the level of satisfaction he sought, until one day when a young girl offered him a bowl of rice. As he accepted it, he suddenly realized that corporeal austerity was not the means to achieve inner liberation, and that living under harsh physical constraints was not helping him achieve spiritual release. So he had his rice, drank water and bathed in the river. The five ascetics decided that Siddhartha had given up the ascetic life and would now follow the ways of the flesh, and they promptly left him. From then on, however, Siddhartha encouraged people to follow a path of balance instead of one characterized by extremism. He called this path the Middle Way.

The Buddha Emerges

That night, Siddhartha sat under the Bodhi tree, vowing to not get up until the truths he sought came to him, and he meditated until the sun came up the next day. He remained there for several days, purifying his mind, seeing his entire life, and previous lives, in his thoughts. During this time, he had to overcome the threats of Mara, an evil demon, who challenged his right to become the Buddha. When Mara attempted to claim the enlightened state as his own, Siddhartha touched his hand to the ground and asked the Earth to bear witness to his enlightenment, which it did, banishing Mara. And soon a picture began to form in his mind of all that occurred in the universe, and Siddhartha finally saw the answer to the questions of suffering that he had been seeking for so many years. In that moment of pure enlightenment, Siddhartha Gautama became the Buddha (“he who is awake”).

Armed with his new knowledge, the Buddha was initially hesitant to teach, because what he now knew could not be communicated to others in words. According to legend, it was then the king of gods, Brahma, who convinced Buddha to teach, and he got up from his spot under the Bodhi tree and set out to do just that.

About 100 miles away, he came across the five ascetics he had practiced with for so long, who had abandoned him on the eve of his enlightenment. To them and others who had gathered, he preached his first sermon (henceforth known as Setting in Motion the Wheel of the Dharma), in which he explained the Four Noble Truths and the Eightfold Path, which became the pillars of Buddhism. The ascetics then became his first disciples and formed the foundation of the Sangha, or community of monks. Women were admitted to the Sangha, and all barriers of class, race, sex and previous background were ignored, with only the desire to reach enlightenment through the banishment of suffering and spiritual emptiness considered.

For the remainder of his 80 years, Buddha traveled, preaching the Dharma (the name given to the teachings of the Buddha) in an effort to lead others to and along the path of enlightenment. When he died, it is said that he told his disciples that they should follow no leader.

The Buddha is undoubtedly one of the most influential figures in world history, and his teachings have affected everything from a variety of other faiths (as many find their origins in the words of the Buddha) to literature to philosophy, both within India and to the farthest reaches of the Western world.

source: http://www.biography.com

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Company का नाम Apple कैसे पडा, इसके LOGO का आधा भाग कटा क्यों है ?

Company का नाम Apple कैसे पडा, इसके LOGO का आधा भाग कटा क्यों है ?

दोस्तों technology की दुनिया में जहां भी computer की Companies का नाम आता है उसमे Apple का नाम सर्वोपरी है | Apple का नाम साधारण नही है | लेकिन computer और Technology के क्षेत्र में Apple नाम कुछ अजीब सा लगता है | और बहुतों के मन में एक सवाल आता है कि आखिर इस कंपनी का नाम Apple क्यों और कैसे पडा ? और apple Company के Logo का एक भाग कटा हुआ क्यों है ? Continue reading “Company का नाम Apple कैसे पडा, इसके LOGO का आधा भाग कटा क्यों है ?”

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Must-Know Tips to Start Meditation at Home

Meditation can be referred to as a tool that helps you combat stress, improves your immunity, mitigates chronic pain, helps you sleep better and stay peaceful and fulfilled throughout the day. It is only when you start meditating that you will sense the state of disarray of your thoughts. Continue reading “Must-Know Tips to Start Meditation at Home”

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http://sachet.rbi.org.in is well known website launched by RBI . The portal helps persons who faced fraud and need to complain to government. Any one can file complain here and know the status of the complain.

Read more about http://sachet.rbi.org.in by website Continue reading “SACHET BY RBI”

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Personality Development Tips – Sandeep Maheshwari

Body Language speaks the loudest.

Sandeep Maheshwari is a well-known name as a Motivational speaker. Youth are following Sandeep Maheshwari for his inspiring thoughts. He taught different techniques for maintaining equilibrium between the outer world and inner world which exist within us. Continue reading “Personality Development Tips – Sandeep Maheshwari”

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Dilemma of working women

We all have a beautiful life. We all are busy but being a woman, we are overburdened with societies’ norms and responsibilities or you can say women can manage many things at one time that’s why societies are expecting too much from them. Today’s life is so complicated for women. Women need to play too many roles in her life and she gets confused. Continue reading “Dilemma of working women”

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Why has marriage failed – Osho

“Why has marriage failed? In the first place, we raised it to unnatural standards. We tried to make it something permanent, something sacred, without knowing even the abc of sacredness, without knowing anything about the eternal. Our intentions were good but our understanding was very small, almost negligible. So instead of marriage becoming something of a heaven, it has become a hell. Instead of becoming sacred, it has fallen even below profanity. Continue reading “Why has marriage failed – Osho”

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Paytm Payments Bank (PPB) formally approved by RBI: Opening next month in Noida

PayTM has received formal approval for its Payments Bank from RBI today. Yes its true Paytm Payments Bank (PPB) formally approved by RBI: Opening next month in Noida,. Earlier, RBI had provided an ‘in principle license’ to the founder and CEO Vijay Shekhar Sharma and as of today, the final license has been granted. According to Paytm, they will be commencing banking operations soon and it expects to start operations next month. Continue reading “Paytm Payments Bank (PPB) formally approved by RBI: Opening next month in Noida”

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Birthday special on OSHO : Some truth about him

Birthday special on OSHO : Some truth about him

ओशो एक ऐसा नाम है जिसने जहां एक ओर सम्पूर्ण विश्व के रहस्यवादियों, दार्शनिकों और धार्मिक विचारधाराओं को नया अर्थ दिया। आध्यात्म और संन्यास की नई परिभाषा गढ़ी। ओशो फिलॉसफी के टीचर थे वो अपने विचारों से धर्म को चुनौती देते हैं।

मध्य प्रदेश के गांव कुछवाड़ा में 11 दिसंबर को जन्मे ओशो का पारिवारिक नाम रजनीश चंद्र मोहन था। 1975 में ओशो संस्कृत के लेक्चरर के तौर पर रायपुर विश्वविद्यालय में पढ़ाने लगे। वहां उनके विचारों को युवाओं के लिए अच्छा न मानते हुए उनका ट्रांसफर कर दिया गया। जिसके बाद अगले ही साल उन्होंने जबलपुर यूनिवर्सिटी में दर्शनशास्त्र के प्रवक्ता के रूप में काम करना शुरू कर दिया। Continue reading “Birthday special on OSHO : Some truth about him”

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Rs 2000 Note features and myths about it

Rs 2000 Note read all features and myths about it

Prime Minister Narendra Modi caught everyone by surprise on Tuesday when he announced that the currency notes of ₹500 and ₹1000 wouldn’t be counted as a legal tenders from midnight. Another key announcement made during the speech was that a new ₹2000 note would be issued, which the government says is more secure than the ₹1000 note.

The Reserve Bank of India detailed out the new currency in a press release issued late night. It has details of all the key features of ₹2000 note including features for the visually impaired. Here are the key features:


Continue reading “Rs 2000 Note features and myths about it”

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जनिए मोदी का नया नियम 500-1000-2000 के नोट के बारे में सबकुछ

जनिए मोदी का नया नियम 500-1000-2000 के नोट के बरे में सबकुछ

पीएम मोदी ने एक बेहद धमाकेदार ऐलान कर दिया है जो देश की आर्थिक स्थिति में जोरदार बदलाव लाएगा. आज आधी रात से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद कर दिया जाएगा. यानी आज 11/08/2016 आधी रात 12.00 से 500 और 1000 रुपये के नोट चलना बंद कर दिए गए हैं. पीएम मोदी ने आज देश के नाम संबोधन करने का अचानक ऐलान करके सबको चौंका दिया और इस संबोधन को आर्थिक महत्व से जोड़कर चौंका दिया.

3 दिसंबर 2016 तक आपके पास जो भी 500 और 1000 रुपये के नोट हैं वो बैंक और डाकघर में जमा कर सकते हैं. 10 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के बीच आप बैंक, डाकघर में नोट जमा कर सकते हैं.

एक और बड़ी खबर है कि इसी फैसले के चलते 9 और 10 नवंबर को एटीएम काम नहीं करेंगे और आपको कैश की जरूरत है तो 100 रुपये के नोटों का बंदोबस्त कर लें. आप एटीएम से 2000 रुपये से ज्यादा कैश नहीं निकाल सकते.

जानें पीएम ने बड़ा ऐलान करते हुए क्या कहा Continue reading “जनिए मोदी का नया नियम 500-1000-2000 के नोट के बारे में सबकुछ”

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All about cupping therapy that you should know

Cupping therapy is an ancient form of alternative medicine in which a therapist puts special cups on your skin for a few minutes to create suction. People get it for many purposes, including to help with pain, inflammation, blood flow, relaxation and well-being, and as a type of deep-tissue massage.

The cups may be made of:


Cupping therapy might be trendy now, but it’s not new. It dates back to ancient Egyptian, Chinese, and Middle Eastern cultures. One of the oldest medical textbooks in the world, the Ebers Papyrus, describes how the ancient Egyptians used cupping therapy in 1,550 B.C.


There are different methods of cupping, including:



During both types of cupping, your therapist will put a flammable substance such as alcohol, herbs, or paper in a cup and set it on fire. As the fire goes out, he puts the cup upside down on your skin.

As the air inside the cup cools, it creates a vacuum. This causes your skin to rise and redden as your blood vessels expand. The cup is generally left in place for up to 3 minutes.

A more modern version of cupping uses a rubber pump instead of fire to create the vacuum inside the cup. Sometimes therapists use silicone cups, which they can move from place to place on your skin for a massage-like effect.

Wet cupping creates a mild suction by leaving a cup in place for about 3 minutes. The therapist then removes the cup and uses a small scalpel to make light, tiny cuts on your skin. Next, he or she does a second suction to draw out a small quantity of blood.

You might get 3-5 cups in your first session. Or you might just try one to see how it goes. It’s rare to get more than 5-7 cups, the British Cupping Society notes.

After ward, you may get an antibiotic ointment and bandage to prevent infection. Your skin should look normal again within 10 days.

Cupping therapy supporters believe that wet cupping removes harmful substances and toxins from the body to promote healing. But that’s not proven.

Some people also get “needle cupping,” in which the therapist first inserts acupuncture needles and then puts cups over them.

What Does the Research Show?
There haven’t been many scientific studies on cupping.

One report, published in 2015 in the Journal of Traditional and Complementary Medicine, notes that it could help with acne, herpes zoster, and pain management.

That’s similar to the findings from a 2012 report, published in PLoS One. Australian and Chinese researchers reviewed 135 studies on cupping. They concluded that cupping therapy may be effective when people also get other treatments, like acupuncture or medications, for various diseases and conditions, such as:

Herpes zoster
Facial paralysis
Cervical spondylosis

But those researchers noted many of the studies they reviewed could have been biased and that better studies are needed.

The British Cupping Society says that cupping therapy is used to treat:

Blood disorders such as anemia and hemophilia
Rheumatic diseases such as arthritis and fibromyalgia
Fertility and gynecological disorders
Skin problems such as eczema and acne
High blood pressure
Anxiety and depression
Bronchial congestion caused by allergies and asthma
Varicose veins
There isn’t research to back all of that up.

Side Effects
Cupping is fairly safe, as long as you go to a trained health professional. But you could have these side effects in the area where the cups touch your skin:

Mild discomfort
Skin infection
What to Ask Your Doctor First
Talk with your doctor before you start cupping or any other type of alternative or complementary medicine. And talk extensively with your cupping therapist, too, before you try it. Ask:

What conditions do they use cupping for?
What is your training?
What is your experience in using it?
Am I already getting the standard treatments for my condition?
Are there reasons I should not get cupping?


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भाई दूज का त्योहार

भाई दूज का त्योहार भाई बहन के स्नेह को सुदृढ़ करता है। यह त्योहार दीवाली के दो दिन बाद मनाया जाता है।
हिन्दू धर्म में भाई-बहन के स्नेह-प्रतीक दो त्योहार मनाये जाते हैं – एक रक्षाबंधन जो श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसमें भाई बहन की रक्षा करने की प्रतिज्ञा करता है। दूसरा त्योहार, ‘भाई दूज’ का होता है। इसमें बहनें भाई की लम्बी आयु की प्रार्थना करती हैं। भाई दूज का त्योहार कार्तिक मास की द्वितीया को मनाया जाता है। Continue reading “भाई दूज का त्योहार”

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Brahmakumari Shivani : All about her life journey

Shivani Verma (Pune, 1972) better known as Brahma Kumari Shivani is an Indian spiritual teacher and inspirational speaker and has been a Brahma Kumaris teacher and a member of the Brahma Kumaris World Spiritual University since approximately 1995.
She conducts motivational courses through public seminars and television programs. Since 2008, she has become increasingly well known in India and among the Indian diaspora for her leading role in the Television series “Awakening with Brahma Kumaris”, aired daily on Aastha channel.

In 2014, she was honored with Women of the Decade Achievers Award by ALL Ladies League for Excellence in Empowering Spiritual Consciousness.

Sister Shivani completed her Electronics Engineering graduate degree as a Gold Medalist from Pune University in 1994, and then served for two years as a lecturer in Bharati Vidyapeeth College of Engineering, Pune.maxresdefault-1

In an interview, she talked about her parents going to Brahmakumaris since her childhood, and later at age 23 she herself started going to Brahmakumari workshops.[1] After initially working at the back end production of Brahmakumari television presentations in Delhi for Sony TV, where senior teachers would record teachings. Then in 2007 due to unavailability of teachers, she was asked to start answering viewers queries herself. This led to the television program titled, “Awakening with Brahma Kumaris”, where BK Shivani was interviewed by co-host Kanupriya.

BK Shivani now travels in India representing the Brahma Kumaris at charitable events ranging from the promotion of organ donation [10] to parenting programs at the Delhi Islamic Cultural Centre.

Her TV series “Happiness Unlimited” with Suresh Oberoi was adapted into a bestseller book. truthofthoughts.com

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All About Nitibha Kaul: A Google Account Strategist to Bigg Boss 10 Contestant

Nitibha Kaul the first commoner in the list of finalized Bigg Boss Season 10 contestant, as the show is themed to give equal opportunity to unknown faces to make it big for both the channel and contestants. Nitibha Kaul is well established Account Strategist in Google by profession. Curious Bigg Boss fans have already called her as a favorite by seeing her glamorous photos on social networking sites. Representing youth of India Nitibha has already become a stiff competition to star faces in Bigg Boss. Bigg Boss season 10 will be launched on 16th October 2016 on Colors Channel at 9.30 PM.

Delhiite by birth, Nitibha Kaul was born in Delhi on 4th November 1992. She is just 23 Years Old and has established own fame and progress with a tag of the expert in the field of Marketing and Advertising. Girl with an instinct to achieve her dream with self-belief has completed her schooling from the famous St. Thomas School in Delhi itself. Fortunate with Graduation Degree from prestigious Delhi University, Nitibha has touched the Glamorous World with appreciable performances in college based competition. Nitibha was the first runner-up in the Dabur Miss Rose Competition and has been termed as Times Fresh Face Delhi. Nitibha’s favorite spare time activities include swimming, singing, listening music and dancing.

Schooling and Career

Nitibha Kaul has accomplished her schooling from St. Thomas School and for Graduation she turns ways to Delhi University. Believer of achieving dream has stepped in the professional world with Google one of the prestigious company with a role as Account Strategist. Bigg Boss platform will help her to show her glamorous side to the spectators and may count fortune in Entertainment World.

Net Worth

Information is not available.


Nitibha’s Present age is 23 years old, if she stayed long she will turn 24 in Bigg Boss House.


A good news for male fans, she is not dating anyone yet, we can expect Nitiha’s love angle in Bigg Boss House. She has already stated someone needs to be very special in House to make her “fall in Love”.

Personal Information

Name: Nitibha Kaul
Date of Birth: 04 November 1992
Place of Birth: Delhi
Parents: To be updated soon
Religion: To be updated soon
Age: 23
Boyfriend: Not Revealed Yet
Height: To be updated soon
Marital Status: Unmarried
Profession: Account Strategist at Google
Facebook: https://www.facebook.com/Nitibha-Kaul-543821729148753/
Instagram: Nitibhakaul
Language Known: Hindi, English

source: toppost.in

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Best Books by Shiv Khera

Best Books by Shiv Khera
We all are very passionate about reading. For reading, it is important to read good books. Shiv Khera is a well- known name in the list of a famous author. Shiv Khera had written different books which are motivational and inspirational to us.
Here, is a list of best books written by Shiv Khera
• You Can Sell
• You Can Win: A Step by Step Tool for Top Achievers
• Freedom is not free
• You can sell
• The magic of thinking big
• Living with honor
• Successful Leadership
• Bechna sikho aur safal bano
• Attitude – The Key to success
• Winner’s edge
• PROBE – Revisited

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मधुशाला – हरिवंशराय बच्चन

मधुशाला – हरिवंशराय बच्चन Madhushala In Hindi

मृदु भावों के अंगूरों की आज बना लाया हाला,
प्रियतम, अपने ही हाथों से आज पिलाऊँगा प्याला,
पहले भोग लगा लूँ तेरा फिर प्रसाद जग पाएगा,
सबसे पहले तेरा स्वागत करती मेरी मधुशाला।।१। Continue reading “मधुशाला – हरिवंशराय बच्चन”

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Dengue- Symptoms, treatment, Home remedies and Prevention

Dengue- Symptoms, treatment, Home remedies and Prevention
Dengue fever is a disease caused by a virus transmitted by mosquitoes.
The World Health Organisation says, “Dengue is a viral infection transmitted by the bite of an infected female Aedes mosquito. There are four distinct serotypes of the dengue virus (DEN 1, DEN 2, DEN 3 and DEN 4).

Symptoms of Dengue Continue reading “Dengue- Symptoms, treatment, Home remedies and Prevention”

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Big Boss 10- 2016 Here Are The Contestants

Bigg Boss the well-known name in world is now going to start a new series Big Boss 10 in 2016. Big boss 10 starting date is 16 oct . And the timing will be (Monday – Friday 10.30-11.30) and (Saturday – Sunday 9.00-10.00).


The most expected contestants of big boss 10 are Following

Ruchika Singh

Kajol Tyagi

Feroz Khan

Lokesh Kumar Sharma

Manoj Punjabi

Mandira Chauhan

Manveer Gurjar

Priyanka Jagga

Nikhil Mehta

Nitibha Kaul

Naveen Prakash

Dev Devgan

Pramod Dahiya

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Some signs that you are doing great in your life

Some signs that you are doing great in your life.

1. You did not slept hungry yesterday.
2. You have a good heart.
3. You have clean water.
4. You always think good for others.
5. You have blessings of others.
6. You have a home to live
7. You stay in faith
8. You care for poor
9. You forgive others
10. You have positive thinking
11. You are breathing normally

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Jack Ma quotes – Founder of ALIBABA

• “Never give up. Today is hard, tomorrow will be worse, but the day after tomorrow will be sunshine.” – Jack Ma

• “You should learn from your competitor, but never copy. Copy and you die.” – Jack Ma

• “I don’t want to be liked. I want to be respected.” – Jack Ma

• “I’m not a tech guy. I’m looking at the technology with the eyes of my customers, normal people’s eyes.” – Jack Ma

• “The very important thing you should have is patience.” – Jack Ma

• “A peace talk is always difficult, always complicated.” – Jack Ma

• “Giving up is the greatest failure.” – Jack Ma

• “If we are a good team and know what we want to do, one of us can defeat ten of them” – Jack Ma

• “We will make it because we are young and we will never, never give up.” – Jack Ma

• “It doesn’t matter if I failed. At least I passed the concept on to others. Even if I don’t succeed, someone will succeed.” – Jack Ma

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Success story – Zack Ma

Success has same meaning for all but people achieved it with their different attitude. We all are same, God has given us same mind but he give us a choice that how we use our brain. Opportunities are always around us but it’s up to us “How we grab the opportunity”. Few people are actually unique. They are not wasting their time for detection of opportunities; they are far beyond from this. They are investing their time to create opportunities. One of the example of successful person is – Zack Ma: the Executive Chairman and founder of Alibaba Group, China’s leading Internet business entity, he is among the topmost Chinese entrepreneurs, who made it to the coveted Forbes list in recent years.
In his initial life, he was just an ordinary person as we all are but his attitude towards his life made him different from all of us. Jack Ma was born in Hangzhou in China. From childhood he had a special affection towards English language. He started communicating with foreign tourist in English. He completed his graduation in English from Hangzhou Normal University. He trapped the opportunity even when no one dear to think about it. He started his career in 1995 in the field of internet but he was not successful in it. He did not lose hope; once again he started his new venture named as “Alibaba.com” in 1999 as a B2B marketplace site. Alibaba.com enabled Chinese exporters to connect with overseas buyers. Ma managed to attract SoftBank and Goldman Sachs as investors later. He also founded many firms such as ‘Taobao”, ‘Lynx’and ‘Ali Mama’.
He kept Taobao as a free platform which in turn affected the profits and drew widespread criticism, but Ma was stick to his strategy. Taobao gained a majority of market share in two years. He proved himself not from his words but from his action. ‘Taobao’ grabbed the attention of another famous internet shark, ‘Yahoo’. The firm invested $1 Billion in Jack’s venture. According to Forbes, Jack’s net worth was estimated to be around $27 billion, as of 2015. KFC rejected him for job, he did simple thing; he created his own venture now where even KFC want to advertise.
Inspiring story of Jack Ma
Before he founded Alibaba, he invited 24 friends to his house to discuss the business opportunity. After 2 hours discussion, they were still confused. 23 out of the 24 people told him to drop the idea. There was only one friend who told him, “If you want to do it, just try it. If things don’t work out the way you expected it to, you can always revert back to what you were doing before.” By the next morning, Jack decided; he would do it anyway, even if all of the 24 people opposed the idea. Jack believed on the fact “keep trying”. On the execution of Alibaba.com; he faced lot of opposition from friends and family but this opposition was not enough for shaken up strong will power of Jack.
Jack Ma: People lose out in life because of these 4 reasons:
1. Being myopic to opportunity
2. Looking down on opportunities
3. Lacking understanding
4. Failing to act quickly enough

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Happy Independence Day – 15 अगस्त 2016 – ऐ मेरे वतन् के लोगों

आज ही के दिन हम हिंदुस्तनियो को अग्रेजो से आजादी मिली थी .जब सब भाइयों ने चाहे वो हिंदू हो चाहे मुस्लिम चाहे सिख मिल के हाथ मिलाया था तब जाके हमने ये आजादी पाई थी. हमारे बड़े बुजार्गो ने इस आजादी की काफी कीमत चुकाई है. अपने दिन का सुकुन खोक्र्र,अपना जीवन दान कर के, अपना सब कुछ खोके हमे ये आजादी दिलाई है . आजादी को पाए 70 साल हो गए हमारे हिंदुस्तान को . बहुत कुछ develop हुआ है हिंदुस्तान में और काफी कुछ तो अभी बाकी है ….. वो क्या कहते है फिल्मी जाबान में ……Picture तो अभी बाकी है मेरे दोस्त. हिंदुस्तान आज की तारीख में पुरी दुनिया में अपनी काबिलियत के लिए जाना जा रहा है. आओ चलो मिल के इस आजादी को Happy Birthday बोले. आज के दिन हमारे प्र्धानमंत्री श्री नरेंदेर मोदी एक प्रोग्राम लौंच करेंगे “70साल आजादी ज़्ज़रा याद करो कुर्बानी “(AZADI70) इस प्रोग्राम का aim यह है कि सबको ये याद दिलाना कि देश पहले बाकी सब बाद में. आज के खुशी भरे दिन में चलो शहीदो को याद किया जाए जिन्होंने हमे ये आजादी दिलाई है.

ऐ मेरे वतन् के लोगों
तुम् खूब् लगा लो नारा
ये शुभ् दिन् है हम् सब् का
लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर् मत् भूलो सीमा पर्
वीरों ने है प्राण् गँवा
कुछ् याद् उन्हें भी कर् लो -२
जो लौट् के घर् न आये -२
ऐ मेरे वतन् के लोगों
ज़रा आँख् में भर् लो पानी
जो शहीद् हु हैं उनकी
ज़रा याद् करो क़ुरबानी
जब् घायल् हु हिमालय्
खतरे में पड़ी आज़ादी
जब् तक् थी साँस् लड़े वो
फिर् अपनी लाश् बिछा दी
संगीन् पे धर् कर् माथा
सो गये अमर् बलिदानी
जो शहीद्॥।
जब् देश् में थी दीवाली
वो खेल् रहे थे होली
जब् हम् बैठे थे घरों में
वो झेल् रहे थे गोली
थे धन्य जवान् वो आपने
थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद्॥।
को सिख् को जाट् मराठा
को गुरखा को मदरासी
सरहद् पे मरनेवाला
हर् वीर् था भारतवासी
जो खून् गिरा पर्वत् पर्
वो खून् था हिंदुस्तानी
जो शहीद्॥।
थी खून् से लथ्-पथ् काया
फिर् भी बन्दूक् उठाके
दस्-दस् को एक् ने मारा
फिर् गिर् गये होश् गँवा के
जब् अन्त्-समय् आया तो
कह् गये के अब् मरते हैं
खुश् रहना देश् के प्यारों
अब् हम् तो सफ़र् करते हैं
क्या लोग् थे वो दीवाने
क्या लोग् थे वो अभिमानी
जो शहीद्॥।
तुम् भूल् न जा उनको
इस् लिये कही ये कहानी
जो शहीद्॥।
जय् हिन्द्॥। जय् हिन्द् की सेना -२
जय् हिन्द् जय् हिन्द् जय् हिन्द्

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हां मैं उस देश की बेटी हूं

हां मैं उस देश की बेटी हूं , हां मैं उस देश की बेटी हूं
जहां पत्थरों में भी भगवान देखे जाते हैं
जहां आज भी स्त्री में सीता और नर में नारायण देखे जाते हैं
जहां आज भी सुबह बड़े बुजुर्गों के आशीर्वाद से होती है
जहां आज भी सुबह की पहली रोटी गाय को दी जाती है
जहां आज सुबह आरती की आवाज सुनाई जाती है
जहां आज भी शुभ काम के लिए दही शक्कर खिलाया जाता है
जहां आज भी बड़ों के पैर छूकर ही घर से जाया जाता है
जहां आज भी मां के बनाए पराठों की खुशबू दूर तक आती है
जहां आज भी मंदिरों की घंटियों की आवाज सुनाई देती है
जहा आज भी शिवजी जी को गंगाजल से मिलाया जाता है
तेरे मेरे का बहाव नहीं यहां हम हम का नारा है
जहां आज भी भाई-बहन रक्षाबंधन मनाते हैं
जहां आज भी गोलगप्पे खाने सब टोली में जाते हैं
जहां आज भी लड़की अपनी शादी की बात में शर्माती है
जहां आज भी लड़के वाले लड़की देखने जाते हैं
जहां आज भी बड़ों के फैसलों में छोटे सर झुकाते हैं
जहां आज भी दूसरों के गम में आंसू बहाए जाते हैं
जहां आज भी बड़े छोटे को स्नेह से बुलाते हैं
जहां आज भी ज्यादा काम जुगाड़ से हो जाते हैं
जहां आज भी रात को मां के पैर दबाए जाते हैं
जहां आज भी पापा के सर में तेल लगाया जाता है
हां मैं उस देश की बेटी हूं
जहां पत्थरों में भी भगवान देखे जाते हैं


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वीरो की याद में

त्याग दिया जीवन सारा , ख्वाइशों का नाश किया

सींच दिया भारत सारा, आजादी का नाम किया

तुम्हारे देन की रोटी हम आज तक खाते हैं

तुम्हारे ही कारण हम फक्र से सर उठाते हैं

सीना चौड़ा करके चलना तुमने ही सिखाया है

काले गोरे में भेद नहीं तुमने ही बतलाया है

ईटा ईटा चींख के बोले तुम्हारे किए हुए बलिदानों को

नाश नहीं होने देंगे तुम्हारे इन त्यागो को


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Proud to be an Indian

We Indians are different but still unique. I am feeling very glad to share with you this information about our amazing INDIA.
• Chess was invented in India

• Algebra, Trigonometry, calculus are originated in India

India is the world’s largest democracy.

• Besides the US and Japan, India is the only country who to have indigenously built a super computer.

• The Indian national Kabaddi team has won all world cups.

India has the largest post offices in the world.

India exports software to 90 countries.

• Sanskrit is considered as the mother of all higher languages. It is the most precise and therefore suitable language for computer software. (A report in Forbes magazine, July 1987).

India has the largest number of news channels in the world. It has 798 TV channels as of July 2014.

India is the 3rd largest producer of solar photovoltaic cells in the world producing 2.12 MW of power. India is the world’s 4th largest wind power user.

• The present CEO of Google is an Indian – Sundar Pichai

India is the world’s second largest producer of small cars. It is the largest newspaper market in the world.

• Board of Control for Cricket in India, or BCCI, is the apex governing body for cricket in India is the richest body in world cricket.

• A Cricket ground at the height of 2,444 meters, in Chail, is the world’s highest cricket ground situated in India.

• ISRO 100 million dollars launching satellites in 2015. It launched 5 UK satellites and is set to launch 9 micro satellites for US.

India born steel czar Lakshmi Mittal and Reliance Industries chairman Mukesh Ambani figure in the forbes list of “World’s most powerful billionares” who wield staggering authority and influence far beyond their riches.

• The TATA group, State Bank of India and Infosys Technologies are among 17 Indian firms that figure among the top 50 in the list of the world’s 200 most-reputed companies.

• Reliance Group of Companies in India has the maximum number of shareholders in the world.

• State Bank of India has the maximum number of branches in the world.

• The second largest numbers of scientist and engineers in the world are in India.

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Water Harvesting; छतों के साथ सड़क का पानी भी रीचार्ज

पानी की कमी की दिक्कतों से आज कई लोग जुझ रहे हैं और पानी बचाने के कई तरकीबों की खोज की जा रही हैI इसी दिशा में गुढ़ियारी में रहने वाले टीचर रामसिंह कैवर्त ने वाटर हार्वेस्टिंग के लिए बहुत कम खर्च वाली एक देशी तकनीक विकसित कर डाली है और यह प्रयोग कामयाब भी रहा है। अभी सरकारी एजेंसियां मकानों और कॉम्प्लेक्सों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दे रही हैं, लेकिन इस टीचर ने अपने सिस्टम से छतों ही नहीं, सड़क के पानी को भी रीचार्ज करने का इंतजाम कर लिया है। नतीजातन काॅलोनी के दर्जनों बोर और कुछ कुएं इस साल गर्मी में भी पूरी तरह नहीं सूखे।
– जनता क्वार्टर में रहने वाले रामसिंह अर्धशासकीय स्कूल में शिक्षक हैं। वे 1988 में इस कॉलोनी में रहने आए। चार-पांच साल बाद से ही अप्रैल-मई में यहां के बोर और कुएं पूरी तरह सूखने लगे।
– तब यहां निगम की वाटर सप्लाई नहीं थी। ऐसे में गर्मी में लोग टैंकरों के भरोसे ही रह गए। ऐसे में टीचर कैवर्त ने हार्वेस्टिंग सिस्टम पर काम शुरू किया।
– सबसे पहले उन्होंने घर के पास एक प्लाट का कचरा साफ करवाया और वहां 18 फीट गहरा गड्ढा करवा दिया।
– कुएं के आकार के इस गड्ढे के किनारे कंक्रीट रिंग और सीमेंट-ईंट से बनाई गई। इसी में अलग-अलग दिशा में छेद करते हुए पाइप लगाए गए।
– सड़क और आसपास का पानी इन्हीं पाइप के पास आए, इसका रास्ता भी बना दिया। पाइप में छन्नियां लगा दी गईं।
– इसके बाद गड्ढे में 10 फीट ऊंचाई तक गिट्टी और नारियल के छिलके डलवाए, ताकि जो पानी पाइप से नहीं छन पाए,इनसे छनकर नीचे जाए।

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Rio2016 – Transgender athletes to be allowed to compete as the other sex in the Olympic without having gender reassignment surgery

Waiting is over for (2016 Summer Olympics) Rio2016 officially known as the Games of the XXXI Olympiad. This is held in Rio de Janeiro, Brazil. Two days before opening rounds in certain events began on 3 August 2016. Rio 2016 is formally run from 5 August to 21 August 2016. Different countries are taking part in this Olympic but Kosovo and South Sudan are new entering country in it. This Olympics contains 306 sets of medals and 28 Olympic sports. Rio de Janeiro was selected as a host country by the IOC Executive Board on 4 June, 2008 with three of the six other Applicant cities—Chicago, Madrid and Tokyo; over Baku, Doha and Prague—becoming a Candidate city during the 2008 Sport Accord Convention in Athens, Greece. Rio de Janeiro was shortlisted receiving a 6.4 score, according to a study of its Application File delivered to the IOC Working Group on January 14, 2008.
New Policy
The Olympics are adopting a new policy. According to this new policy, now transgender athletes can also take participate. The International Olympic Committee received proposed guidelines in November from its ‘Consensus Meeting on Sex Reassignment and Hyperandrogenism’, which allow for broader policies that would include transgender athletes.Olympic officials have not confirmed the new guidelines, which have already been adopted by other regulatory sports organizations, but the policy is available on the organization’s website. This policy change would be in line with NCAA standards in the United States, which allow male-to-female and female-to-male transgender athletes to compete without having gender reassignment surgery, according to ESPN. The current Olympic rules acknowledge transgender athletes’ right to compete, but with specific provisions under the Stockholm Consensus, which was adopted in 2004.The policies, adopted before the Athens Olympics, say transgender athletes have to have gender reassignment surgery and have legal recognition of the gender they were assigned at birth. They also have to have undergone at least two years of hormone replacement therapy after surgery. The proposed new rules would allow transgender athletes to compete after one year of hormone replacement therapy and no surgery is required.

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क्या बीते जमाने की बात हो जाएगा ‘पारले-जी’ बिस्किट?

हिंदुस्तानी लोगों और उनके दिलों पर राज करने वाला बिस्किट ‘पारले-जी’ अब नहीं मिलेगा। इसका कुरकुरा स्वाद लोग नहीं ले पाएंगे। झोपड़ी से लेकर रईसजादों की पहली पसंद रहा पारले हमारे लिए अब एक सपना और गुजरे दौर की बात होगी।कंपनी प्रबंधन ने हालांकि सिर्फ एक यूनिट बिलेपार्ले को बंद करने का फैसला लिया है, पर कल को सभी यूनिटें बंद की जा सकती हैं। हालांकि अभी यह कहना मुश्किल होगा कि पारले-जी, बिस्कुट की दुनिया से अलविदा हो जाएगा या फिर मिलता रहेगा। लेकिन करोड़ों भारतीयों की पहली पसंद पर सवाल तो खड़े हो ही चले हैं। कंपनी ने लगातार हो रहे घाटे के कारण पारले का उत्पादन ही नहीं, बल्कि मुंबई के बिलेपार्ले उपनगर में स्थित यूनिट को ही बंद कर दिया है।
यह यूनिट पूरे 10 एकड़ में फैली थी। इसकी स्थापना 1929 में की गई थी, लेकिन बिस्कुट का उत्पादन 1939 से शुरू हुआ था। इसमें 300 से अधिक कर्मचारी काम करते थे, जिन्हें वीआरएस दे दिया गया है। तकरीबन 90 सालों से पारले-जी स्वाद और बिस्किट बाजार की दुनिया में लोगों की जुबान पर छाया था। पारले-जी के पैक पर बच्चे की छपी तस्वीर आज भी लोगों के जेहन में वैसे ही बनी है। कंपनी उस बच्चे की तस्वीर का उपयोग सालों से अपने प्रचार के लिए विज्ञापन की दुनिया में करती आ रही थी।उसने कभी अपना लोगो नहीं बदला। पैक पर छपा मासूम सा बच्चा आज भी पारले-जी की पहचान है। कंपनी प्रबंधन इसके पीछे चाहे जो भी तर्क दे, लेकिन बात हजम नहीं होती है। कंपनी का बंद होना आम और खास सभी को खल रहा है। बेहद कम कीमत में पारले ने आम हिंदुस्तानियों को जिस तरह के स्वाद की दुनिया से परिचय कराया, वह बात और दूसरों में नहीं मिली। बिस्किट की दुनिया में हजारों ब्रांड उपलब्ध हैं, लेकिन जितना नाम इस कंपनी ने कमाया शायद उतना किसी ने नहीं। कम कीमत और स्वाद में बेजोड़ होने के कारण यह आम भारतीयों से जुड़ गया था और इसने अपनी क्वालिटी बरकरार रखी। कंपनी प्रबंधन का दावा है कि लगातार उत्पादन गिर रहा था, जिससे कंपनी को घाटा हो रहा था।पिछले सप्ताह कंपनी में कुछ दिन के लिए उत्पादन बंद भी कर दिया गया था। कहा यह जा रहा है कि जिस गति से मुंबई विकास की तरफ बढ़ी उस गति से पारले-जी यानी कंपनी आगे नहीं बढ़ पाई। लेकिन यह बात लोगों को नहीं पच पा रही है। सबसे अहम सवाल है कि प्रबंधन कंपनी बंद करने और कर्मचारियों को वीआरएस देने के लिए चाहे जो बहाना ढूंढ़े, लेकिन इसकी दूसरी वजह ही लगती है। सवाल उठता है कि कंपनी घाटे में क्यों चल रही थी? 90 साल पुरानी जिस कंपनी का सालाना करोबार 10 हजार करोड़ रुपये का रहा हो, उस कंपनी को भला घाटा कैसे होगा?
बिस्किट बाजार में अकेले पारले-जी की बाजार हिस्सेदारी 40 फीसदी रही। यानी पूरे बाजार पर जिसका लगभग आधा हिस्सा रहा हो, भला उस कंपनी को मुनाफा कैसे नहीं होगा और उत्पादन क्यों गिरेगा? वह भी जब कंपनी के दूसरे उत्पाद भी बाजार में उपलब्ध हों जिनकी बाजार हिस्सेदारी 15 फीसदी रही है।यह कंपनी चॉकलेट और मैंगो बाइट के अलावा दूसरे उत्पाद भी बनाती थी, जिससे कंपनी को बंद करने के पीछे प्रबंधन का तर्क आम लोगों को नहीं पच रहा है। कंपनी को बंद करना और उसे चलाना उसके प्रबंधन का मामला है। लेकिन असलियत यह है कि जिस जगह कंपनी स्थापित रही वह मुंबई का हृदय स्थल है।
सिर्फ मुंबई यूनिट का उत्पादन गिर रहा था या फिर देशभर में जहां पारले का उत्पादन होता है उन यूनिटों में भी यह स्थिति है। अगर दूसरी जगहों पर इस तरह की बात नहीं थी तो मुंबई में यह कैसे हो सकता है? कंपनी बंद होने के पीछे रीयल स्टेट बाजार का भी दबाव काम कर सकता है, क्योंकि वहां की जमीन कीमतों में भारी उछाल बताया जा रहा है।
बिलेपार्ले में 25 से 30 हजार रुपए स्क्वायर फीट जमीन बिक रही है। दूसरी बात वहां जमीन अधिक उपलब्ध नहीं हो सकतीं, क्योंकि यह बेहद पुराना उपनगर है। यूनिट बंद होने के पीछे यह बात भी हो सकती है कि कंपनी रीयल स्टेट में कदम रखना चाहती हो या उस जमीन का उपयोग दूसरे किसी काम में करना चाहती हो। लेकिन प्रबंधन की तरफ से यह साफ नहीं हुआ कि कंपनी बंद होने के बाद उस जमीन का क्या होगा, क्योंकि यहां उसका मुख्यालय भी है।

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Osho on children – minimum possession – freedom – awareness

Children are born innocent. Children are truth full, joy full and full of curiosity. They want only to be loved, to learn, and to contribute. This is true that Children are our future so we need to spend more time on nourishment and development of our children. Children bring freshness into the world. Children are new editions of consciousness. Children are fresh entries of divinity into life. Be respectful, be understanding. Now a day’s everyone wants to teach their children to be ahead in this competitive world. Continue reading “Osho on children – minimum possession – freedom – awareness”

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Munshi Premchand : The Great Writer

Munshi Premchand (31 july 1880 – 8 october 1936)
was regarded as the greatest writer in Hindi literature. He is one of the most celebrated writers of the Indian subcontinent and is regarded as one of the foremost Hindustani writers of the early twentieth century. His birth name is Dhanpat Rai Srivastav and a pen name is Nawab Rai. He wrote his all writings with his pen name. Finally, his name becomes changed to the Munshi Premchand. Continue reading “Munshi Premchand : The Great Writer”

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All roads lead to God

Religion in India is characterized 2008 by a diversity of religious beliefs and practices. India is the birthplace of some of the world’s major religions; namely Hinduism, Buddhism, Islam, Jainism, and Sikhism. India has a different religion so they have different God. But in humanity, God is only one that is “be a helping hand to others”. True worship of God includes, love one another, for our love, comes from God himself. If you have a love for others then you know God and them who don’t have love doesn’t know God. We can feel God in our hearts, we can see God in the eye of an innocent child, and we will see him by loving one another. Continue reading “All roads lead to God”

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