कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग ३

अभी तक आप ने पढ़ा कि नीरज और चित्रा के स्वाभाव और उनके परिवार के और उनके बीच के रिश्ते और फर्क के बारे में , अब पढ़िए आगे के क्या हुआ जब चित्रा ने नीरज को अपने कमरे से निकाल दिया|

यहाँ पढ़े कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग 1

यहाँ पढ़े कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग 2

चित्रा के निकालने पर नीरज बिलकुल हिल सा गया था उसे गरीब-अमीर का फर्क समझ आ गया था, उसी दिन नीरज ने ठान लिया कि वो अब और मेहनत करेगा और अमीर बनकर रहेगा | उस दिन की बात तो नीरज अपने मन में रख लिया और किसी को नहीं बताया पर उसी दिन से उसने काम पर और ध्यान देने लगा और खूब मेहनत करने लगा | Continue reading “कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग ३”

Sharing is caring! Share the post to your loved ones

कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग २

अभी तक आपने पढ़ा नीरज के बारे में, उसके परिवार के बारे में, और उसके स्वभाव और काम के बारे में, अब पढ़िए इस कहानी के अगले किरदार यानि की उस लड़की के बारे में जो नीरज से जुड़ी हुई है |

भाग -१ को पढने के लिए यहाँ क्लिक करे

उस लड़की का नाम था चित्रा सिंह | चित्रा एक जमीदार परिवार में जन्मी थी जो पैसे में काफी संपन्न थे और उसके पिता भोला सिंह एक प्रसिद्ध व्यापारी भी थे | चित्रा के पिता एक बहुत ही कट्टर परिवार के जमीदार थे और आन मान और शान के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे | चित्रा की माँ तुलसी देवी बहुत ही सात्विक स्वाभाव की थी | घरेलु काम में माहिर होने के साथ साथ वो सामाजिक कार्यो में भी काफी दिलचस्पी रखती थी | चित्रा की एक बहन भी थी जिसका नाम था आतिया सिंह वो चित्रा से २ साल बड़ी थी और एक भाई था रमेश सिंह जो चित्रा से ५ साल बड़ा था | Continue reading “कहानी एक बुजुर्ग जोड़े की -भाग २”

Sharing is caring! Share the post to your loved ones

कहानी एक बुजुर्ग कपल की -भाग १

ये कहानी है एक ऐसे जोड़े की जो बचपन से साथ-साथ खेले कूदे और बड़े हुए, पर जवान होते होते सब कुछ बदल गया और बुढ़ापे में कैसे उन्होंने अपने प्यार को फिर से पाया |

आज मै आपको बताने जा रहा हूँ एक ऐसी कहानी जो एक लड़का और एक लड़की की ज़िन्दगी के इर्द गिर्द घूमती है| तो आइये सबसे पहले मै बताता हूँ उस लड़के के बारे में |

उस लड़के का नाम था नीरज आहूजा | नीरज एक बहुत ही गरीब सिन्धी परिवार का लड़का था, जो परिवार के साथ सिंध प्रान्त के खैरपुर जिले में रहता था | उसके पिता नाथू मल्ल की एक छोटी सी साइकिल बनाने की दूकान थी | Continue reading “कहानी एक बुजुर्ग कपल की -भाग १”

Sharing is caring! Share the post to your loved ones

एक छोटे से कुत्ते के बड़े दिल की कहानी

एक कुत्ता था वो अपने भाई बेहनो में सबसे बड़ा था, एक बार कि बात है वो सभी एक साथ खेलते खेलते जंगल में भटक गए तभी वहा एक भेड़िया आ गया, पर उसको किसी भी छोटे कुत्ते ने नही देखा सिर्फ़ बड़े वाले ने देखा, उसने देखा कि भेड़िया छोटे कुत्तों कि तरफ़ घूरता आगे बढ़ता जा रहा है तभी Continue reading “एक छोटे से कुत्ते के बड़े दिल की कहानी”

Sharing is caring! Share the post to your loved ones

बूढ़ी अम्मा की कहानी

एक अम्मा थी जो संत्रे बेचती थी, उसके यहा एक आदमी आता था रोज जो उससे संत्रे लेता था पर उससे संत्रे लेकर वही संत्रे खोल कर चख्ता और अम्मा से किच किच करता के संत्रे सही नही है, और अम्मा चख्ति और केह्ति थी ठीक तो है बेटा, Continue reading “बूढ़ी अम्मा की कहानी”

Sharing is caring! Share the post to your loved ones

GST: KNOW MORE IN DETAIL

GST the main issue in these days for many business man, they are worried about many things and confused too, what will happened to old stock, how will they get the tax credit of old stock, e-way bill, Transitional issues, composition supply or mix supply, time of supply, receipt voucher, refund voucher,GSTR 1,2 Continue reading “GST: KNOW MORE IN DETAIL”

Sharing is caring! Share the post to your loved ones

क्या है करेंसी चेस्ट? यूं कुबेर के खजाने से बंटता है रुपया

केन्द्रीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का सबसे प्रमुख काम देश में नई-पुरानी करेंसी का संचार करना है.

इसमें नई करेंसी और नए सिक्कों का देशभर में वितरण, पुरानी करेंसी को रिसाइकल करना और सभी बैंकों में एकत्र हुए अत्यधिक कैश को अपने पास रखने का काम किया जाता है. इन सभी काम को करने के लिए रिजर्व बैंक के पास देशभर में कई खजाना बनाना पड़ता है जिसे वह करेंसी चेस्ट कहता है. इस करेंसी चेस्ट या कुबेर के खजाने को देशभर कई जगहों पर बनाया जाता है जिससे रिजर्व बैंक का करेंसी वितरण काम आसानी से किया जा सके. करेंसी चेस्ट का काम देशभर में करेंसी के संचार को बनाए रखने के लिए मौजूदा समय में रिजर्व बैंक के पास लगभग 4211 करेंसी चेस्ट हैं. इसके अलावा सिक्कों का संचालन करने के लिए उसके पास 3990 डिपो हैं. ये चेस्ट देशभर में फैले हुए हैं क्योंकि संचार के साथ-साथ इन खजानों में किसी भी सामान्य बैंक में जमा कराए गए रुपयों (कैश रिजर्व रेशियो) को भी रखा जाता है. नोटबंदी की प्रक्रिया शुरू होते ही ये करेंसी चेस्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. सरकारी प्रेम में नई करेंसी की प्रिंटिग होने के बाद उसे सीधे देशभर में फैले इन करेंसी चेस्ट में पहुंचा दिया जाता है. रिजर्व बैंक का दिया यह नक्शा बताता है कि देश में कहां-कहां करेंसी चेस्ट मौजूद हैं. करेंसी चेस्ट में पार्टनर करेंसी चेस्ट को देशभर में स्थापित करने के लिए रिजर्व बैंक प्रमुख सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का सहयोग लेता है. इसके अलावा इस काम में 6 सहयोगी बैंकों, सभी नैशनलाइज्ड बैंक, प्राइवेट सेक्टर के कुछ चुने हुए बैंक, 1 विदेशी बैंक, 1 कोऑपरेटिव बैंक और ग्रामीण बैंक को भी शामिल किया जाता है. इस काम को करने के रिजर्व बैंक अपने देशभर में फैले 18 ब्रांच या इशू ऑफिस के जरिए करता है.

कैसे पहुंचाई जाती है चेस्ट में करेंसी

देश के 4 सरकारी प्रेस में करेंसी की प्रिंटिंग होने के बाद उसे सीधे रिजर्व बैंक के 18 इशू ऑफिस में पहुंचाया जाता है. इन ऑफिस तक नई करेंसी को पहुंचाने के लिए रेलवे, एयर फोर्स के माल वाहक विमान और राज्य पुलिस की मदद ली जाती है. शहरों में यातायात के लिए आमतौर पर करेंसी की बड़ी मूवमेंट के लिए निजी क्षेत्र से बड़े कंटेनर वेहिकल किराए पर लिए जाते हैं. इस पूरी प्रक्रिया की पूरी गोपनियता रखी जाती है और देश के कुछ संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के लिए सेना की मदद भी ली जाती है. इसके बाद करेंसी को रिजर्व बैंक की निगरानी में अन्य बैंकों द्वारा चलाए जा रहे करेंसी चेस्ट में पहुंचा दिया जाता है.

एटीएम और बैंक शाखाओं को मिलता है रुपया

रिजर्व बैंक के इस विशाल नेटवर्क से करेंसी को बैंकिग व्यवस्था में डाला जाता है. इसमें प्रमुख काम देशभर में सभी बैंकों के एटीएम में रुपया भरने के काम के साथ-साथ बैंक की सभी ब्रांचों में दिन के काम के लिए करेंसी की सप्लाई की जाती है.

Sharing is caring! Share the post to your loved ones