अमिताभ बच्चन और उनकी जीवन की खास बाते

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अमिताभ बच्चन इस नाम को शायद ही कोई होगा जो नहीं जानता होगा | अमिताभ बच्चन बिग बी, महा नायक और शहंशाह के नाम से भी जाने जाते है | जीवन में बहुत से उतार चड़ाव देख ने की वजह से अमिताभ बच्चन हीरे की तरह चमकने  की काबिलियत रखते है | आए जाने उनके जीवन के कुछ ख़ास पलो के बारे में :

ज़ेब में हाथ रखने के स्टाइल का अविष्कार 

कोलकाता  में नौकरी करी और वो दिन बहुत प्यारे लगे हमारे Big B को | मगर अमिताभ जी का दिल कही और ही था | कोलकाता में नौकरी करते करते अमिताभ जी अमेचर नाटक मण्डली के साथ जुड़ गए | यही से उन्होंने एक नया style सिखा | जी हां अमिताभ बच्चन के लम्बे हाथ हमेशा शो में आड़े आते तो अमिताभ बच्चन अपने लम्बे हाथ छुपाने के लिए अपने हाथ अपनी जेब में रखने लगे और बाद में ये अमिताभ जी का Style ही बन गया |

नौकरी छोड़कर गए थे मुंबई कलाकार बनने  

कलाकार बनने का जनून इतना सर पर चड़ा अमिताभ बच्चन जी के कि उन्होंने कोलकाता में अपनी नौकरी छोड़ दी और मुंबई चले गए | उन्होंने ये कसम खाई कि  मुंबई गया तो वापिस नहीं आऊंगा | उन्होंने अपना ड्राइविंग लाइसेंस साथ रखा, उन्होंने सोचा अगर कलाकार नहीं बना तो टैक्सी ड्राईवर बन जाऊंगा | दो फिल्मे फ्लॉप होने के बाद, राखी और गुलज़ार के मदद से अमिताभ बच्चन को फिल्म आनंद में बाबु मोशाए का रोल मिला | इस फिल्म के बाद लोग अमिताभ बच्चन को पहचाने लग गए थे | आनंद फिल्म के बाद अमिताभ बच्चन की जंजीर फिल्म आई | इस के बाद हमारे बिग बी बॉलीवुड में अपने नाम से जाने लगे |

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जल्दबाजी में करी शादी

अमिताभ बच्चन ने जया भादुरी के साथ एक फिल्म की उसका नाम था एक नजर, इस फिल्म के दुरान दोनों को एक दुसरे से प्यार हो गया | जंजीर की सक्सेस पार्टी लंदन में मनाने की बात चल रही थी पर अमिताभ बच्चन के पिता जी श्री हरिवंशराय बच्चन ने शर्त रख दी की बिना शादी किये साथ में जाने को नहीं मिलेगा तो अमिताभ बच्चन ने जया भादुरी से 3- जून- 1973 शादी की और शादी के तुरंत बाद वे दोनों लन्दन की ओर रवाना हुए |

कुली फिल्म में लगी भयंकर चोट – डाक्टर ने किया था dead घोषित

अमिताभ बच्चन को कुली फिल्म के वक़्त बहुत ही भयंकर रूप से घायल हुए थे | ये चोट इतनी खतरनाक थी कि उनके जान पर बन आई थी | पूरा देश अमिताभ बच्चन की जान के लिए दुआ कर रहा था | 26 जुलाई 1982 को एक सीन में पुनीत इस्सर को अमिताभ बच्चन के पेट में मुका मारना था पर ये मुका बहुत तेज़ और गलत जगह पर लग गया जिस से अमिताभ बच्चन को भयंकर चोट आई | अमिताभ बच्चन के पेट में इतनी जोर से चोट लगी थी की उनकी आंत फट चुकी थी | डाक्टरों ने उनको पहले clinicaly dead घोषित किया था पर बाद में परिस्तिथि ठीक होती चली गई | कहते है कि इस घटना में अमिताभ बच्चन को खून की जरुरत पड़ी थी तो 200 लोगो ने उनको खून दिया था | भगवान् की दया से अमिताभ बच्चन इस घटना से बाल बाल बचके बाहार आ सके |

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मन का  हो तो अच्छा और मन का ना हो तो ज्यादा अच्छा

अमिताभ बच्चन हमेशा अपने पिता की कही हुई ये बात याद रखते है कि “मन का  हो तो अच्छा और मन का ना हो तो ज्यादा अच्छा” | जब अमिताभ बच्चन नैनीताल में शेरवूड स्कूल में पढ़ते थे तब उन्होंने कही नाटक में कई किरदार निभाए थे | शेरवूड में काफी गंभीर नाटक का हिस्सा बने थे | शशि कपूर के ससुर जी और जेनिफ़र जी के पिता जी के नाम पर एक कप का नाम रखा था जेफरी केंडल कप जो बेस्ट एक्टर को दिया जाता था | एक नाटक के लिए अमिताभ बच्चन को ये अवार्ड मिला था | अगले साल जब ये प्रतियोगिता दुबारा हुई तो सब को ये उम्मीद थी कि इस बार भी अमिताभ बच्चन को ही बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिलेगा पर प्रतियोगिता के ठीक एक दिन पहले अमिताभ बच्चन को चेचक हो गया और इसकी वजह से वे प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाए | तब अमिताभ बच्चन से मिलने उनके पिता जी श्री हरिवंशराय बच्चन आए थे क्युकी उनके पिता को पता था कि इस वक़्त अमिताभ जी को उनकी जरुरत है | जब प्रतियोगिता शुरू हुई तब अमिताभ कमरे में आराम कर रहे थे तब प्रतियोगिता की आवाज सुन कर वे निराश हो गए तब उनके पिता ने उनसे कहा “मन का  हो तो अच्छा और मन का ना हो तो ज्यादा अच्छा”| तब अमिताभ जी ने कहा ऐसा कैसे पिता जी तब उन्होंने अमिताभ जी को समझाया जब तुम्हारे मन की नहीं होती तो समझो भगवान के मन की हो रही है जो और अच्छा है |

बुरे वक़्त में भी अच्छाई का साथ नहीं छोड़ा

साल 2000 में जब सारी दुनीया नए साल का स्वागत कर रही थी तब बिग बी बहुत ही बुरे दोर से गुज़र रहे थे | उस समय उनकी कंपनी ABC डूब गई थी, उस समय अमिताभ जी पर 90 करोड़ का कर्ज था | अमिताभ बच्चन बुरी तरह कर्जे में डूब गए थे | तब अमिताभ के पास कोई फिल्म भी नहीं थी | रोज़ लोग उनके पास आके उनको गालिया देके जाते थे ओर पैसो की मांग करते थे | तब अमिताभ जी यश चोपड़ा के पास गए थे फिल्म मांगने के लिए | तब से अमिताभ बच्चन ने ज्यादा से ज्यादा फिल्मे की और फिर सब का कर्जा चुकाया | कई लोगो ने उनको सलाह दी कि आप ये कंपनी बंद कर दीजिए पर अमिताभ बच्चन के मन में ये बात थी कि कई लोगो का पैसा इस कंपनी में लगा है, उन्होंने बुरे वक़्त में भी अच्छाई का साथ नहीं छोड़ा और अपनी महनत से सब के पैसे चुकाए |

 

 

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